कासिम खलील, बुलढाणा ( महाराष्ट्र ), NIT;
बुलढाणा ज़िले के शिक्षा क्षेत्र में एक भरोसेमंद नाम “सहकार विद्या मंदिर” है जो सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करता रहा है।
संस्था की अध्यक्षा श्रीमती कोमल सुकेश झंवर के नेतृत्व में बुलढाणा शहर में 80 स्थानों पर स्वच्छता मोहिम चलाई जा रही है। इसी के साथ सहकार विद्या मंदिर, छात्रों के पुराने कपड़े जमा करके उन्हें जरूरतमंदों के लिए जिलाधीश कार्यालय की सुरक्षा दिवार पर बनाई गई “इंसानियत की दीवार” पर लटकाया गया है। जो नहीं चाहिए उसे दे जाओ और जो चाहिए उसे ले जाओ, यह उद्देश्य है इंसानियत की दीवार का। इसी उद्देश्य को पूरा करते हुए सहकार विद्या मंदिर के सैंकड़ों छात्रों के खोली भर के पुराने कपड़े इस इंसानियत की दीवार पर लगाए गए हैं ताकि जो जरूरतमंद, गरीब लोग हैं वह यहां इस दीवार से जिन कपड़ों की अवश्यक्ता है वे लेकर जा जाएं और अपनी जरूरत को पूरी करें।
आज बुलढाणा में इंसानियत की दीवार पर जरूरतमंदों के लिए कपड़े रखते समय संस्था अध्यक्ष श्रीमती कोमल झंवर शाला के प्राचार्य अलवर सामी, विक्रांत सराफ, अरुण पवार, श्रीमती मोहिनी ससे के अलावा निवासी उप जिलाधीश ललित कुमार वराडे, ग्रंथपाल व साहित्यिक नरेंद्र लांजेवार, छत्रछाया फाउंडेशन के अजय दराखे, मिलिंद चिंचोलकर, प्रमोद टाले, सुरेश कावले, योगेश सुरडकर, पंकज राठोड, चेतनाकुर के महेंद्र सौभागे, सिटी न्यूज चैनल के जितेंद्र कायस्थ, गुडइवनिंग सिटी के संपादक रंजीतसिंह राजपूत, लोकमत के शरद गावंडे, नितिन बोरकर, बीसीसीएन के पप्पू राऊत भी प्रमुखता से इस समय उपस्थित थे। अगले 5 दिन शहर में स्वच्छता अभियान चलाए जाने की बात श्री सराफ़ ने इस वक्त बताई है।
