गंगा, रामगंगा की तीन अरब दो करोड़ रुपए की भूमि खाली कराए जाने पर उन्होंने अधिकारियों की सराहना की | New India Times

मुबारक अली, ब्यूरो चीफ, शाहजहांपुर (यूपी), NIT:

राज्यमंत्री राजस्व विभाग उत्तर प्रदेश शासन अनूप प्रधान की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में राजस्व विभाग व चकबन्दी विभाग से सम्बन्धित समीक्षा बैठक संपन्न हुई।
बैठक के दौरान धारा-24, 34, 38, 67, 80, 116 एवं राजस्व संहिता की अद्यतन स्थिति, ई-डिस्ट्रिक्ट के अन्तर्गत प्राप्त आवेदनों के निस्तारण, राजस्व वसूली की समीक्षा, आईजीआरएस, राजस्व वादों में पंजीकृत निस्तारित एवं 03-05 वर्ष के लंबित वादों के निस्तारण के संबंध में समीक्षा की गयी।

राज्य मंत्री अनूप प्रधान ने तहसील वार धारा-24, 34, 38, 67, 80, 116 के अंतर्गत समीक्षा करते हुए कहा कि राजस्व संबंधी सभी वादों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध रूप से किया जाए। उन्होंने कहा कि दिन-प्रतिदिन की तिथि लगाकर इन वादों को एक माह में निस्तारित करना सुनिश्चित करें। उन्होंने धारा 67 के अन्तर्गत सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे पर कार्यवाही करने और लगाए गये जुर्माने की वसूली को यथाशीघ्र वसूलने के निर्देश दिए।

गंगा, रामगंगा की तीन अरब दो करोड़ रुपए की भूमि खाली कराए जाने पर उन्होंने अधिकारियों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि यह सरकार की प्राथमिकता का कार्य है, अवैध रूप से कब्जा करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुये यथाशीघ्र बेदखली की कार्यवाही की जाए। उन्होंने बड़े भू-क्षेत्र वाली भूमि को चिन्हित करते हुए प्राथमिकता से कब्जा मुक्त कराने के निर्देश दिए।

धारा 24 अन्तर्गत तहसील सदर में 5 वर्ष से अधिक लंबित 2 वादों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराते हुये रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश उप जिलाधिकारी तहसील सदर को दिये। तहसील कलान में 5 वर्ष से अधिक लंबित वादों को एक माह में निस्तारित करने के निर्देश दिए, पुवायां तहसील में 5 वर्ष से अधिक 345 लंबित वादों पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुये रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

धारा 67 के अन्तर्गत पुवायां में 5 वर्ष से अधिक 177 वादे लंबित होने पर कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी तहसीलदारों को निर्देशित करते हुये कहा कि धारा 67 के अन्तर्गत वादों के सापेक्ष कितनी जमीनें खाली करायी गयी तथा कितना जुर्माना वसूला गया है यह रिपोर्टर प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।

उन्होंने कहा कि माननीय उच्च न्यायालयों में लम्बित प्रकरणों पर शासन की ओर से अपना पक्ष मज़बूती के साथ प्रस्तुत करें। धारा 80 के अन्तर्गत समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिये। अनआथोराइज्ड कॉलोनियों को ज़मीन न दे, औद्योगिक एवं विकास कार्यों के लिए ही भूमि उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने उपजिलाधिकारी न्यायालय में लम्बित धारा 116 के प्रकरणों के संबंध में कहा कि व्यवहारिक स्तर से भी वादों का निस्तारण यथाशीघ्र किया जाए।

लक्ष्य के सापेक्ष की गयी वसूली की सराहना करते हुये उन्होंने कहा कि यथाशीघ्र शत-प्रतिशत वसूली करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चकबन्दी विभाग की समीक्षा करते हुए जनपद में चकबन्दी ग्रामों की जानकारी ली। जानकारी देते हुये बताया गया कि चकबन्दी के लिए 13 नये गावं, 15 पुराने तथा 6 गावं 10 वर्ष से पुराने हैं।

उन्होंने संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए कि जिन ग्रामों में लम्बे समय से चकबंदी पूर्ण नहीं हो पाई है उसे यथाशीघ्र पूर्ण किया जाए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी एसबी सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रशासन संजय कुमार पाण्डेय सहित सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं संबंधित विभाग के अधिकारीगण मौजूद रहे।


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