पुलिस को थाने में आने वाले प्रत्येक फरियादी के लिये संवेदनशील होना चाहिए: डीआईजी चम्बल रेंज | New India Times

गुलशन परूथी, ग्वालियर (मप्र), NIT:

‘‘समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता’’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय सेमीनार का शुभारंभ उप पुलिस महानिरीक्षक चम्बल रेंज श्री कुमार सौरभ,भापुसे द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प एवं दीप प्रज्वलित कर किया। सेमीनार में उपस्थित मुख्य अतिथि का पुलिस अधीक्षक, अजाक, चम्बल रेंज श्री जयराज कुबेर द्वारा पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया। इस सेमीनार में अति0 पुलिस अधीक्षक जिला दतिया श्री सुनील शिवहरे, सहायक लोक अभियोजन अधिकारी श्री अभिषेक मेहरोत्रा, अजाक प्रदेश अध्यक्ष चौधरी मुकेश मौर्य, एडबोकेट हाइकोर्ट ग्वालियर श्री रवि चौधरी सहित चम्बल रेंज के लगभग 40 से अधिक पुलिस अधिकारीगण सम्मलित हुए हैं। सेमीनार के दौरान मंच संचालन पुलिस अधीक्षक, अजाक, चम्बल रेंज द्वारा किया गया।

इस अवसर पर उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि उप पुलिस महानिरीक्षक चम्बल रेंज ने कहा कि पुलिस को समाज के कमज़ोर वर्गों के प्रति संवेदनशील रवैया रखते हुए उनसे संबंधित शिकायतों का शीघ्रता से निराकरण करना चाहिए और थाने में आने वाले प्रत्येक फरियादी के लिये भी संवेदनशील होना चाहिए। विवेचक को फरियादी की रिपोर्ट दर्ज करते समय अपने आप को पीड़ित के स्थान पर रखकर रिपोर्ट दर्ज करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सेमिनार से विवेचकों को नवीन नियम कानूनों के संबंध में अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त होती है जो कि आपके लिये विवेचना में उपयोगी सिद्ध होगी। आपको कानून की जितनी ज्यादा जानकारी होगी, विवेचना का स्तर उतना ही अच्छ रहेगा।

पुलिस अधीक्षक, अजाक रेंज चम्बल श्री जयराज कुबेर द्वारा उपस्थित प्रतिभागियों को एससी/एसटी के प्रकरणों में जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध न होने पर नवीन जाति प्रमाण पत्र तैयार कराने में एवं थाने में आने वाले पीड़ित को एफआईआर कराने में आने वाली परेशानियों के निराकरण के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।

अति0 पुलिस अधीक्षक जिला दतिया श्री सुनील शिवहरे द्वारा अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के गंभीर मामलों की केस स्टडी के माध्यम से सेमिनार में उपस्थित पुलिस अधिकारियों को विस्तृत जानकारी दी गई।

सेमीनार में सहायक लोक अभियोजन अधिकारी श्री अभिषेक मेहरोत्रा के द्वारा अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों का सूक्ष्म विश्लेषण एवं विवेचना के दौरान गिरफ्तारी, मेमोरेण्डम, जप्ती, शिनाख्तगी संबंधी महत्वपूर्ण कार्यवाही में होने वाली त्रुटियों व उनके निवारण के संबंध में उपस्थित पुलिस अधिकारियों को विस्तृत जानकारी दी गई।


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