फराज अंसारी, बहराइच ( यूपी ), NIT;
बहराइच जिला के थाना विशेषरगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मानवीय संवेदनाओं को तार तार करने वाला दृश्य सामने आया है। इलाज की आस में एक अधेड़ फर्श पर कई दिनों तक तड़प रहा है लेकिन चिकित्सकों की निगाहें उस लावारिस की तरफ नहीं जा रही हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग एक सप्ताह पूर्व डॉयल 100 पुलिस ने एक लावारिस अडेढ़ को घायल अवस्था में विसेश्वरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ने भर्ती कराया था। लावारिस के साथ कोई वारिस न होने के कारण अडेढ़ जख्मी हालत में फर्श पर पड़ा तड़पता रहा लेकिन चिकित्सकों का दिल नहीं पसीजा। अडेढ़ के बदन पर बने घाव से मवाद बह रही है और दुर्गन्ध के कारण उधर से गुजरना महाल है। स्थानीय लोगो का आरोप है की उसकी दुर्दशा चिकित्सकों द्वारा इलाज न किये जाने से हुई है सवाल यह उठता है की पेशे से भर्ती का भगवान कहे जाने वाले चिकित्सकों की मानवीय संवेदनाएं कब जागेंगी? कब इनको अपना फर्ज याद आएगा?
इस सम्बन्ध में जब सीएचसी अधिक्षक डॉक्टर आर के मिश्रा से फोन पर बात की गयी तो वह बिफर पड़े और मिडिया कर्मी से बदतमीजी पर उतर आये।इस सम्बन्ध में जब मुख्य चिकित्सा आधीक्षक को अवगत कराया गया तो वह भी चिकित्सक की तारीफों के पुल बांधने में कोई कसर नही छोड़ी। बार बार पूछे जाने पर भी वो भी इस गम्भीर प्रकरण में किनारा काटते रहे। विदित रहे कि उच्उच्च अधिकारियो की शह पर ही अधिक्षक आर के मिश्रा जैसे डॉक्टर पिछले कई प्रकरण में विवादों में घिरे रहे हैं। आखिर ऐसे घोर लापरवाह उच्च अधिकारी लापरवाह चिकित्सकों पर नकेल कैसे कसेंगे यह तो आने वाला समय ही बताएगा। अब देखना यह है कि इन लापरवाह अधिकारियों पर सवास्थ्य विभाग क्या कार्यवाही करते हैं।
