इदरीस मंसूरी, गुना (मप्र), NIT:

राष्ट्रीय सेवा योजना हमारे व्यक्तित्व का बहुमुखी विकास करती है, यह स्वयं सजे और बसुन्धरा सांवर दें का सन्देश देती है। उक्त विचार डॉ सतीश चतुर्वेदी पूर्व जिला संगठक राष्ट्रीय सेवा योजना गुना ने राष्ट्रीय युवा योजना इकाई गुना द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस पर स्वामी विवेकानन्द ग्रुप की संगठन व्यवस्था में आयोजित एक दिवसीय युवा नेतृत्व प्रशिक्षण टिफिन शिविर में भारत स्काउट एवं गाइड जिला संघ परिसर में आयोजित शिविर के बौद्धिक एवं समापन सत्र में कहीं। शिविर संयोजक एवं राष्ट्रीय युवा योजना इकाई गुना के समन्वयक जितेन्द्र ब्रह्मभट्ट ने बताया कि एन एस एस की योजना बनाने में डाॅ एस एस सुब्बाराव का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, और एन एस एस का पहला शिविर उनके ही नेतृत्व में आयोजित किया गया था।
इसलिए आज राष्ट्रीय सेवा योजना का 54 वां स्थापना दिवस पर एक दिवसीय युवा नेतृत्व प्रशिक्षण टिफिन शिविर का आयोजन किया गया है, जिसमें एन एस एस इकाईयों के चयनित स्वयंसेवकों और एन वाय पी के युवाओं ने सहभागिता की। जिसका उद्देश्य एक दिवसीय शिविर के माध्यम से इकाईयों के लिए ऐसे नेतृत्व को तैयार करना है, एन एस एस की गतिविधियों के संचालन में कार्यक्रम अधिकारी का सहयोग कर सकें। इस पर विभिन्न सत्रों में एन एस एस का इतिहास, उद्देश्य, प्रमाण पत्र के लाभ, गीत, नारे, खेल आदि का प्रशिक्षण दिया गया। इस शिविर का प्रारंभ प्रातः 9 बजे हुआ, जिसमें युवाओं ने मां सरस्वती, भारत माता एवं स्वामी विवेकानन्द के चित्र पर पुष्प अर्पित कर प्रारंभ हुआ। इसके बाद युवाओं को ग्रुप में बांटा।
इसके बाद विभिन्न सत्रों में अलग अलग विषय पर चर्चा हुई। आरती जाटव, जितेन्द्र धाकड़, आलोक चौधरी, साजिया खान, रचयिता सिसोदिया, कुशाग्र ब्रह्मभट्ट ने अपने राष्ट्रीय शिविरों के अनुभव। दोपहर का भोजन सभी ने मिलकर और आपस में मिल बांटकर भोजन किया। ग्रुप मीटिंग हुई, इसके बाद बौद्धिक सत्र में पूर्व जिला संगठक राष्ट्रीय सेवा योजना डाॅ सतीश चतुर्वेदी, सोनू जैन कार्यक्रम अधिकारी महिला इकाई पी जी कालेज, प्रताप नारायण मिश्रा जिला नोडल अधिकारी स्कूल शिक्षा विभाग, एन एस एस डाॅ सरिका जैन, पूर्व कार्यक्रम अधिकारी एम एल वी संदीप मेहरा उपस्थित रहे। स्वयं सेवकों को मार्गदर्शन दिया। ग्रुप लीडर नंदनी भार्गव, याशिका कुशवाह, विक्रम गंगवाल ने अपने ग्रुप के शिविर अनुभव सुनायें। शिविर का समापन डॉ एस एन सुब्बाराव द्वारा कराई।
