मूक बधिर वर्ग के लोगों की मदद हेतु पुलिस अधिकारियों को दिया गया sign language का प्रशिक्षण | New India Times

जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

दिनाँक 21 सितंबर 2023 को पुलिस कमिश्नर कार्यालय के सभागार में सांकेतिक भाषा के सम्बंध में विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें नगरीय पुलिस भोपाल के विभिन्न थानों के 100 से अधिक पुलिस अधिकारियों को Deaf can foundation द्वारा sign language सम्बन्ध में प्रशिक्षण सत्र आयोजित संवेदनशील बनाया गया।

य़ह प्रशिक्षण अपने आप में विलक्षण इसलिए है क्योंकि प्रशिक्षण के दौरान पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों को मूक बधिर वर्ग के लोगों के प्रति संवेदनशील बनाया गया, ब्लकि उनको इशारों की सांकेतिक भाषा (sign language) के सम्बंध में भी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

प्रशिक्षक श्रीमती प्रीति सोनी के द्वारा प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न जानकारी जिसकी आवश्यकता पुलिस से ऐसे मूक बधिर वर्ग के लोगों के सम्पर्क में आने पर आवश्यक होता है। उसके सम्बन्ध में जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण उपरांत पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों से प्रशिक्षण के बारे में demo भी कराया गया एवं प्रशिक्षण का फीडबैक लिया गया।

प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री अनुराग शर्मा के द्वारा प्रशिक्षण की महत्ता को प्रतिवादित करते हुए बताया कि पुलिस सदैव समाज के सभी वर्गों की समस्याओं का निराकरण करने हेतु तत्पर रहती है। समाज का जो वर्ग आम नागरिकों की तरह बोलने, सुनने में सक्षम नहीं है उनकी पीड़ा से परिचित होकर sign लेंग्वेज की अत्यंत आवश्यकता है और इस प्रशिक्षण के माध्यम से पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी इस वर्ग की समस्याओं समझकर उसके उपर उचित वैधानिक कार्रवाई करने में सक्षम हो सकेंगे।

इसी संदर्भ में पुलिस उपायुक्त मुख्यालय श्री सुधीर अग्रवाल ने भी उपस्थित अधिकारी, कर्मचारी को भी लगातार उपयोग कर मूक बधिर वर्ग के प्रति संवदेनशील बनने हेतु अभिप्रेरित किया गया। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्रीमती नीतू ठाकुर ने सभी स्टॉफ एवं प्रशिक्षकों का आभार व्यक्त किया।


Discover more from New India Times

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

By nit

This website uses cookies. By continuing to use this site, you accept our use of cookies. 

Discover more from New India Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading