मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

रक्षाबंधन के पावन पर्व के अवसर पर बुधवार को सिलमपुरा स्थित गुरू गोरखनाथ एवं जाहरवीर गोगादेव चमत्कारी मंदिर से गुरू गोरखनाथ जी के परम शिष्य, गौरक्षक, वाल्मीकि समाज के आराध्य लोकदेवता श्री जाहरवीर गोगादेव के प्रतीकात्मक निशान (ध्वज) को श्री गोगा विवाह का स्वरूप देकर विशेष श्रृंगार करके देर रात तक शहर भ्रमण कराया गया। शहर भ्रमण मंदिर परिसर से शहर के मुख्य चौराहे से होते हुए वापस मंदिर परिसर में आएं। शहर भ्रमण के दौरान शहरवासियों ने रंगोली सजाकर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। डीजे और धपड़े की थाप पर युवाओं ने झूमकर खुशियां मनाई।
भक्त रूपेश कछवाये ने बताया कि गुरू पूर्णिमा के दिन से ही गोगादेव की भक्ति एवं सेवा, पूजा पाठ, गुणगान करते हैं। श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अगले दिन श्री जाहरवीर गोगा नवमी का पर्व समस्त भक्तगण सहित वाल्मीकि समाज बुरहानपुर द्वारा भव्य चल समारोह निकाला जाएगा। जिसकी तैयारियां बड़े ही ज़ोर शोर से जारी हैं। समाजजन में बाबा की भक्ति का अच्छा भाव दिखाई दे रहा है। शहर भ्रमण के दौरान किशोर भगत कछवाये, सुखलाल उस्ताद कछवाये, संग्राम सेठ गोहर, प्रेमदास सिगोतिया, मनोज हिंदुजा, रमेश कछवाये, सुरेश कछवाये, नरेश कछवाये, अमर कछवाये, अनिल कछवाये, राहुल कछवाये, राजेश खरे, विनोद विश्नार, कन्हैया संगेले, जीतु कन्नाड़े, मनोहर भाई सहित बड़ी संख्या में भक्त गण शामिल थे।
