अविनाश द्विवेदी, भिंड ( मप्र ), NIT;
मप्र में रेत माफियाओं का हौसला इतना बढ़ गया है कि खनिज विभाग की टीम को भी ये निशाना बनाने से नहीं हिचकिचा रहे हैं। भिंड जिला में कार्यवाही करने गई खनीज टीम पर रात में रेत माफियाओं पथराव किया जिससे कुछ अधिकारी घायल हो गए और गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा।भिंड जिले में कलेक्टर इलैया राजा टी के निर्देशन पर लगातार चल रही खनन पर कार्यवाही के मद्देनजर अवैध रेत डम्प उठाने गयी खनिज अमले द्वारा कुछ गाड़ियां रेत भिंड के लिए रवाना कर रहा था कि अचानक रेत माफियाओं द्वारा हमला कर दिया गया। यह हमला रात्रि के अंधेरे में तकरीबन 9 बजे हुआ। अंधेरे का फायदा उठाकर हमलावर पत्थर बरसाते रहे। यहां बताना जरूरी होगा कि जिले के 65 प्रतिशत रेत माफियाओं को सरेंडर किया जा चुका है परंतु आज शाम को माइनिंग इंडपेक्टर संदेश पिपलोदिया द्वारा एमपी- यूपी बॉर्डर के ग्राम पंचायत बरही जो कि चंबल नदी के किनारे पर स्थित है जहां माफियों की रखी रेत की डम्पों को कब्जे में करने के लिए कार्यवाही की गई और खनिज विभाग द्वारा करीब 10 डम्पर भरकर जिला मुख्यालय भेज दी गई और आगे की कार्यवाही अपनी रफ्तार से चल रही थी कि रेत माफिया द्वारा पथराव कर गाड़ियों में तोड़फोड कर दी एवं पुलिस कर्मियों पर भी जमकर पथराव किया गया, जिससे अमले में गए लोग घायल हो गए और गाड़ी भी टूट फुट गई। हमले में घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया है और जिला दंडाधिकारी के निर्देशन में सख्त कार्यवाही के लिए खनिज विभाग के हौसले की तारीफ कर बढ़ाया है। खनिज अधिकारी आर पी भदकारिया, एवं खनिज निरीक्षक संदेश पिपलोदिया के ऊपर जान लेवा हमला बरही टोल के आगे बायपास से डम्प रेत उठाते वक़्त हुआ है। नामजद रिपोर्ट पुलिस थाने फूप में खनिज टीम द्वारा कराई गई है।
खनिज विभाग में कर्मचारियों की कमी बीते वर्षों से ही चली आ रही है लेकिन छापामार कार्यवाही के दौरान सुरक्षा करने के लिए और दबाव बनाने के पर्याप्त पुलिस बल की आवश्यकता होती है जो भिंड खनिज टीम के पास नहीं थे। यदि भिंड पुलिस की खनिज विभाग की कार्यवाही में योगदान रहा तो हमेशा चलते रहने वाले 35% खनन पर भी रोक लगाई जा सकती है। फिल्हाल तो एक बार फिर से खनिज टीम पर हमले की खबर से पूरा अमला परेशान हो गया है। सूत्रों की माने तो आने वाले दिनों में कार्यवाही के दौरान पुलिस फोर्स में बढ़ोतरी देखने की मिल सकती है।
