आसिफ शाह, भिंड ( मध्यप्रदेश ), NIT;
गोरमी में 17 दिसम्बर को घर से सामान लेने निकले वार्ड 13 के निवासी मुन्नालाल समाधिया घर वापस नहीं लौटे तो इस बात की सूचना परिजनों ने पुलिस को दी लेकिन पुलिस उनका कोई सुराग नहीं लगा पाई। लगभग एक हफ्ते बाद पुलिस को सुचना मिली कि कचनाव गांव के पास पुल के नीचे पत्थर से दवी नदी में किसी व्यक्ति की लाश पड़ी है। सुचना मिलते ही गोरमी पुलिस और मुन्नालाल के परिजन मौके पर पहुंचे और लाश की पहचान कर ली कि वह मुन्नालाल ही है। मुन्नालाल की लाश मिलने से गोरमी और आसपास के गांव के लोग कचनाव पहुंच गये।
मुन्नालाल का शव गोरमी लाया गया तो हालात बेकाबू हो गए। आक्रोशित लोग भड़क गये, फिर लोगों ने अलग-अलग होकर गोरमी कस्बे में उपद्रव मचाना शुरू कर दिया। कई मकानों और गाडियो में आग लगा दी। देखते ही देखते आक्रोश बढ़ता गया। यही नहीं उपद्रव करने वालों ने एक मीडिया कर्मी के साथ भी हाथापायी की। उसके बाद भिण्ड कलेक्टर ने गोरमी में धारा 144 लागू कर दी। शाम 4 बजे तक पुलिस ने मामले को शांत कर लिया। पुलिस ने हत्याकांड में रवी, सिकंदर, विक्रम, हफ़ीज़ निवासी गोरमी को संदिग्ध मानते हुए हत्या का मामला दर्ज किया है। इसके बाद पुलिस ने देर रात उपद्रव करने वालों के ऊपर भी मामला दर्ज किया। गोरमी में देर रात तक आई. जी उमेश जोगा, डी.आई.जी अनिल शर्मा और ए. एस. पी अमृत मीणा मौजूद रहे। यही नही इसके बाद दूसरे दिन पुलिस ने सुबह से ही पूरे गोरमी कस्बे के चप्पे चप्पे पर पुलिस बल तैनात है।
