रफीक आलम, दमुआ/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

कोयला खदान से जुड़े श्रमिक संगठन इण्टक ने जीएम आफिस के सामने प्रदर्शन कर अपनी मांग रखी.
कोयला खदान से जुड़े श्रमिक संगठन इण्टक के सभी पदाधिकारियों ने बताया कि कोरोना काल में देश हित में खदान में कोयला उत्पादन में लगे हुए कामगारों को कोरोना से मृत्यु होने पर उन्हें दस्तावेजों में सस्पेक्ट दर्शाकर उनके आश्रितों का हक दबाने का कुप्रयास कर रहे हैं, जबकि उनका इलाज व अंत्येष्टि कोरोना प्रोटोकॉल के तहत किया गया है, जिनका इलाज प्राइवेट अस्पताल में हुआ है उसका नियमानुसार खर्च कोल इंडिया दे। इण्टक इस लड़ाई को हर स्तर पर लड़ेगा। कामगारों के परिवार को केन्द्र सरकार, डब्लूसीएल एवं राज्य शासन से मिलने वाली सुविधाओं को दिलवाने में सभी कामगार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कर लड़ाई लड़ी जावेगी। पदाधिकारियों के उद्बोधन के बाद इन सभी मांगों का ज्ञापन महाप्रबंधक को सौंपा गया।
इस आंदोलन में परासिया विधायक सोहन बाल्मिक, भगवानदीन, देवीचंद सूर्यवंशी, राजू सोलंकी, सुनील वैश, तेजप्रताप सिंह, महिपाल सिंह, सहित इण्टक के टान्सी, दमुआ, घोडावाडी, डुंगरिया सहित कन्हान व पेंच क्षेत्र के पदाधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
