वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

जिला चिकित्सालय संबद्ध स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, मोतीपुर ओयल में भारत रत्न संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.के. कोली ने की।
इस दौरान सीएमएस सहित चिकित्सकों एवं कर्मचारियों ने डॉ. अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके महान योगदान को याद किया।
अपने संबोधन में डॉ. आर.के. कोली ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने भारतीय समाज को समानता, न्याय और अधिकारों की मजबूत नींव प्रदान की। उन्होंने संविधान के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार दिलाया। उनका जीवन संघर्ष, शिक्षा और सामाजिक सुधार का प्रेरणादायक उदाहरण है।
डॉ. आर.पी. वर्मा ने कहा कि बाबा साहब ने सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाकर देश को नई दिशा दी और शिक्षा को परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।
डॉ. शिखर बाजपेई ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर का योगदान केवल संविधान निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने देश के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक ढांचे को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाई।
वहीं डॉ. पूनम वर्मा ने कहा कि बाबा साहब ने महिलाओं, वंचितों और कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उनकी जयंती मनाने का उद्देश्य उनके विचारों को अपनाना और समाज में समानता व भाईचारे को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित चिकित्सकों और कर्मचारियों ने डॉ. अंबेडकर के आदर्शों पर चलने और समाज सेवा के लिए समर्पित रहने का संकल्प लिया।

