नरेंद्र कुमार, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

नासिक में प्रस्तावित सिंहस्थ अर्ध कुंभ 2027 का आयोजन शुरू होने से पहले ही विवादों में घिरता नज़र आ रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा तुकाराम मुंढे को मदद, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव पद पर नियुक्त किए जाने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज़ हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, मुंढे को अभी तक विभाग का कार्यभार ग्रहण करने नहीं दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह मंत्रालय दो मंत्रियों मकरंद पाटिल और गिरीश महाजन के बीच बंटा हुआ है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है। इस पूरे मामले पर संजय राउत ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है।
जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2015 के अर्ध कुंभ के दौरान हजारों करोड़ रुपये के कार्य पर्यटन एवं तीर्थ क्षेत्र विकास विभाग के अंतर्गत कराए गए थे। इस बार नासिक महानगरपालिका पर लगभग 400 करोड़ रुपये का कर्ज होने के बावजूद, आपदा प्रबंधन विभाग के अंतर्गत करीब 5,000 करोड़ रुपये का फंड आरक्षित किया गया है।

बताया जा रहा है कि कुंभ 2027 के आयोजन का कुल बजट करीब 35,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है, जिसमें से लगभग 15,000 करोड़ रुपये केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न विभागों के माध्यम से दिए गए हैं। चूंकि यह पूरा बजट करदाताओं के पैसे से जुड़ा है, इसलिए इसकी पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज़ है कि ईमानदार छवि के लिए पहचाने जाने वाले तुकाराम मुंढे कई नेताओं को रास नहीं आ रहे हैं। फिलहाल वे पारिवारिक शोक के कारण अवकाश पर हैं और चुनाव आयोग द्वारा उन्हें पश्चिम बंगाल भेजा गया है।
अब सबकी नज़र इस बात पर टिकी है कि तुकाराम मुंढे को इस विभाग का कार्यभार सौंपा जाएगा या उनकी अगली नियुक्ति किसी अन्य विभाग में की जाएगी।

