त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

मुक्तिधाम में जनभागीदारी से चल रहे विकास और सौन्दर्यीकरण कार्यों को प्रशासन द्वारा रोके जाने के विरोध में अब स्थानीय नागरिकों ने सत्याग्रह का रास्ता अपना लिया है। 4 अप्रैल को हुई बुलडोजर कार्रवाई के बाद से क्षेत्र में भारी असंतोष व्याप्त है और लोग लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, झुनकु वार्ड स्थित मुक्तिधाम में स्वच्छ भारत अभियान से प्रेरित होकर स्थानीय नागरिकों और मुक्तिधाम समिति द्वारा जनसहयोग से सौन्दर्यीकरण कार्य किए जा रहे थे। इसके तहत भगवान आदि योगी स्मारक, अस्थि संचय कक्ष, लकड़ी भंडार गृह और गार्ड रूम का निर्माण किया जा रहा था। आरोप है कि प्रशासन ने बिना पूर्व सूचना के 4 अप्रैल को इन निर्माण कार्यों पर बुलडोजर चला दिया।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई भाजपा के स्थानीय मंडल अध्यक्ष की शिकायत के बाद की गई, जिस पर अब नागरिक सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जनभागीदारी से किए जा रहे सामाजिक कार्यों में इस तरह का हस्तक्षेप अनुचित है।
घटना के विरोध में पहले नागरिकों ने मौन जुलूस निकालकर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा था। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर अब मुक्तिधाम सेवा समिति और स्थानीय नागरिकों ने चार सूत्रीय मांगों को लेकर धरना शुरू कर दिया है। नगरपालिका चौराहे पर शुरू हुए इस धरने के पहले दिन ही बड़ी संख्या में लोगों ने भागीदारी निभाई।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में विकास कार्यों में कथित राजनीतिक हस्तक्षेप बंद करने, मुक्तिधाम में जनसहयोग से चल रहे कार्यों को पुनः शुरू करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई शामिल है।
धरना प्रदर्शन में जगदीश सोनी, सतीश अरेले, कश्यप बोहरे, छुट्टन गुरु, नर्मदा वाल्मीकि, संजय वर्मा, ओमकार विश्वकर्मा, ज्ञानी कोष्टी, जगत ठाकुर, राधेश्याम विश्वकर्मा, राजा गुप्ता, प्रेम कोष्टी, जिनेंद्र कोष्टी, वैभव खत्री, शिवा नामदेव, सीताराम गुरु, नितिन साहू सहित कई नागरिक शामिल हुए।

