नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

कांग्रेस ने सबूत पेश किए है कि असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिंकी भुइयां सरमा के पास अमरीका के Wyoming में 52 हजार करोड़ रुपए की कंपनी है। हिमंता ने बीजेपी शासित राज्यो के मंत्रियों की प्रॉपर्टी को संदेह के केंद्र मे ला कर खड़ा कर दिया है। प्रॉपर्टी की सबसे अधिक जमाखोरी करने में महाराष्ट्र टॉप पर है। महाराष्ट्र में इसकी नींव ठेकेदार लॉबी ने रखी है।
90 हज़ार करोड़ रुपए की लेनदारी के लिए सरकार से पंगा लेने से डरने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनियों में विधायक सांसद मंत्रियो की कही न कही भागीदारी है। सुरेश जैन जलगांव से 09 बार विधायक रहे लेकिन उन्होंने कभी किसी ठेकेदार से एक रुपया कमीशन नही मांगा , शर्त एक हि काम मे गुणवत्ता होनी चाहिए।
उस समय मुंबई की अटलांटा जैसी कंपनी की जलगांव मे तूती बोलती थी आज उसका वजूद लापता है। जैन के नेतृत्व के बिना जलगांव कस्बा बन गया है। जिला परिषद टेंडरिंग में करोड़ों का भ्रष्टाचार करने वाले इंजीनियर्स की तीसरी पीढ़ी मंत्रियों के सूटकेस उठाकर कुंभ मे हाथ धोने की तैयारी कर रही है।
जलगांव PWD में चीफ़ प्रशांत सोनवने के तबादले के बाद भी सरकार ने उनको सेवामुक्त नही किया लेकिन निचले अफसरो को अहमद नगर (अहिल्या नगर) ट्रांसफर कर दिया गया है। देवेंद्र फडणवीस सरकार के मंत्री PWD को साथ मिलाकर जमकर भ्रष्टाचार कर रहे है। ठेकेदार लॉबी केंद्र सरकार की स्कीम्स से टेंडर्स ले रही है। राज्य सरकार पर बकाया 90 हजार करोड़ रुपए ने ठेकेदारों के लिए केंद्र की तिज़ोरी खोल दी है।
मस्जिद के सामने डीजे पर नाचने वाला हिन्दू रक्षक रेत चोरी का धंधा कर ठेकेदारी का प्रशिक्षण ले रहा है। दो लाख करोड़ का बजट घाटा झेल रहे महाराष्ट्र सरकार पर 11 लाख 26 हजार करोड़ रुपए का कर्ज़ है। इस कर्ज़ और नेताओं की बढ़ती संपत्ति के बीच संबंध स्थापित कर पाना फिलहाल नामुमकिन है।

