इम्तियाज़ चिश्ती, ब्यूरो चीफ, दमोह (मप्र), NIT:

विश्व प्रसिद्ध क़व्वाल व फ़िल्म प्ले बैक सिंगर पद्मश्री से सम्मानित उस्ताद क़व्वाल हाजी फ़रीद साबरी नहीं रहे।फ़िल्म हिना, परदेश, सिर्फ तुम जैसी फिल्मों में अपनी जादुई आवाज़ देने वाले बॉलीवुड सिंगर व उस्ताद क़व्वाल फरीद साबरी 1 अक्टूबर 1962 में जन्मे क़व्वाल फ़रीद साबरी साहब ने आज 21 अप्रैल 2021 अल सुबह 4 बजे आखरी सांस ली और अचानक ह्र्दयगति रुक जाने से निधन हो गया. वह लगभग 62 वर्ष की आयु में इस दुनिया को अलविदा कह गये। राष्ट्रीय-अन्तराष्ट्रीय मंचों पर प्रोग्राम देने वाली जो साबरी ब्रदर्स को अनेकों सम्मान हासिल हुए। जयपुर राजस्थान के रहने वाले फ़रीद साबरी और उनकी जोड़ी साबरी ब्रदर्स को पद्मश्री सम्मान भी हासिल हुआ था. आज उनके लाखों चाहने वालों के लिए दुःखद ख़बर है। राजस्थान जयपुर के घाट गेट स्थित अपने पुस्तैनी मकान मथुरा वालों की हवेली में आख़री साँस ली जिन्हें दोपहर 1 बजे जयपुर के घाट गेट कब्रस्तान में सुपुर्दे ख़ाक किया गया। फ़रीद साबरी और उनके पिता उस्ताद सईद साबरी और उनके छोटे भाई अमीन साबरी की जोड़ी सारे देश में प्रसिद्ध थी जिन्हें क़व्वाल साबरी ब्रदर्स के नाम से शोहरत हासिल थी। संगीत की दुनिया का बड़ा नाम था जिन्होंने लता मंगेशकर के अलावा और भी फिल्मी गायकों के साथ संगत की और फिल्मों में गाने क़व्वाली और गीत गाये,

हिंदुस्तान के मशहूर शायर नैयर दमोही के कई सूफ़ियान कलाम स्टेज प्रोग्रामों में पढ़े और क़ामयाबी हासिल की।फ़िल्मी दुनियां के अभिनय सम्राट राज कपूर ने उन्हें फ़िल्म हिना में मौका दिया था जो लता मंगेशकर के साथ गाया देर ना हो जाये कहीं देर ना हो जाये, शाहरुख खान की फ़िल्म परदेश हो गया है मुझे प्यार, फ़िल्म सिर्फ तुम का लोकप्रिय गीत जिन्दा रहने के लिए तेरी कसम इक मुलाकात जरूरी है सनम जैसे फिल्मों में अपनी आवाज़ का जादू दिखाया. वह हिंदुस्तान के अलावा विदेशों में भी कार्यक्रम दिये. आज देश का मशहूर क़व्वाली को नया रंग देने वाले क़व्वाली किंग फ़रीद साबरी हमेशा हमेशा के लिए इस दुनियां को अलविदा कह गए।
