भोपाल में निजी स्कूलों की कमीशनखोरी का मामला पहुँचा जनसुनवाई में | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:


राजधानी भोपाल में शिक्षा के नाम पर हो रही खुली लूट और अभिभावकों के शोषण के खिलाफ आज मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान बड़ी कार्यवाही की माँग करते हुए नारायणा स्कूल सहित कई बड़े निजी स्कूलों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए।

त्रिपाठी ने शिकायत में स्पष्ट किया कि ये स्कूल कुछ चुनिंदा दुकानों से अत्यधिक कीमतों पर ड्रेस, किताबें और स्टेशनरी खरीदवाने के लिए अभिभावकों पर अनैतिक दबाव बना रहे हैं। इन दुकानों के पास न तो वैध रजिस्ट्रेशन है, न ही जीएसटी बिल दिए जाते हैं। यह पूरा तंत्र कमीशनखोरी और टैक्स चोरी पर आधारित है, जिससे शिक्षा एक माफिया कारोबार बन चुकी है।

भोपाल में निजी स्कूलों की कमीशनखोरी का मामला पहुँचा जनसुनवाई में | New India Times

विवेक त्रिपाठी ने जनसुनवाई के दौरान प्रशासन से माँग की कि जैसे जबलपुर में शिक्षा माफिया और स्कूल संचालकों पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई हुई, उसी तरह भोपाल में भी तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और दोषियों को सजा दी जाए।

उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक शोषण नहीं बल्कि संविधान प्रदत्त शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन भी है। स्कूलों और दुकानों की सांठगांठ अभिभावकों की जेब पर सीधा हमला है।

जनसुनवाई के दौरान एडीएम निधि चौकसे ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से जिला शिक्षा अधिकारी को फटकार लगाई और साक्ष्यों के आधार पर जांच के निर्देश दिए।
प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए एसडीएम अर्चना शर्मा और जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र अहिरवार को संयुक्त रूप से मामले की जांच सौंप दी है।

यह पहली बार है जब भोपाल में प्रशासन ने शिक्षा माफियाओं के खिलाफ खुलकर मोर्चा लिया है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही दोषियों पर कार्रवाई होगी।
विवेक त्रिपाठी ने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र न्यायोचित कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस इस विषय पर सड़क से सदन तक आंदोलन चलाने को मजबूर होगी।

माँगें इस प्रकार हैं:-

1. निजी स्कूलों द्वारा की जा रही अवैध कमीशन वसूली की जांच हो।
2. दोषी स्कूल प्रबंधन व दुकान संचालकों पर FIR दर्ज की जाए।
3. टैक्स चोरी और उपभोक्ता संरक्षण उल्लंघन पर वित्तीय विभाग की भी जाँच हो।
4. सभी निजी स्कूलों में पालक संघ अनिवार्य किया जाए, जिसकी अनुशंसाएं बाध्यकारी हों।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version