इदुज़्ज़ुहा का मुबारक महीना हमें इबादत व कुर्बानी व भाईचारगी का पैगाम देता है, ईदुज़्ज़ुहा की नमाज़ का हुआ मशविरा, ईद की नमाज़ ईदगाह पर 7: 30 पर होगी | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

इदुज़्ज़ुहा का मुबारक महीना हमें इबादत व कुर्बानी व भाईचारगी का पैगाम देता है, ईदुज़्ज़ुहा की नमाज़ का हुआ मशविरा, ईद की नमाज़ ईदगाह पर 7: 30 पर होगी | New India Times

मस्ज़िद में तकरीर में कहा की इदुज़्ज़ुहा का ये मुबारक महीना हमें इबादत व कुर्बानी का पैगाम देता है। प्यारे रसूल (सव) उनके हम गुनहगार हैं इसलिए हमारे नबी उम्मत के लिए अल्लाह से दुआ करते रहे और हर उम्मीद पूरी कर हमारी मुश्किलों को हल करते रहे हैं।

हाफ़िज़ जनाब मोहसिन सहाब पटेल ने फरमाया की हुजूर कुर्बानी करने के साथ ही नमाज का एहतमाम करते थे। ऐसे ही उम्मत को भी चाहिए की उन्हें भी कुर्बानी व नमाज़ जारी रखने की जरूरत है।

उन्होंने कहा की जो शख्स अपने माल की जकात निकालता है। उसका माल पाक व साफ हो जाता है।

साथ ही उसके माल में बरकत होती है।

उन्होंने कहा की ऐसे ही कुर्बानी वाजिब है जिसे भी अदा करना चाहिए।

उसके माल में भी बरकत होती है ईद का त्योहार साल में एक बार आता है।
नूरे मोहम्मदी मस्ज़िद के हाफ़िज़ जनाब रिजवान साहब ने कहा की जो शख्स अपने माल की जकात निकालता है। उसका माल पाक व साफ हो जाता है। साथ ही उसके माल में बरकत होती है।

इसलिए हर मुसलमान को अपने व अपने रिश्तेदारों के अलावा शहरवासी व मुल्क में अमन शांति आदि के लिए दुआ भी करते रहना चाहिए।

मुफ़्तीयाने हज़रात का कोल हलाल तय्यिब माल से पड़ा जाए हज व उमराह

हज के लिए हलाल माल तलाश करें, जिसमें शुब्हा न हो। हराम माल से ख़्वाह रिश्वत का हो या जुल्म से किसी से हासिल किया हो, ऐसे माल से हज फर्ज़ तो हो जाता है, लेकिन वह हज मक़बूल नहीं होता, जैसा की इसी फस्ल की पहली हदीस में मुफ़स्सर गुज़र चुका। उलेमा ने लिखा है की अगर माल मुश्तब्हा हो तो फिर उलेमा ने उसकी यह सूरत तज्वीज़ की है की कर्ज लेकर हज कर ले और फिर उस माल से कर्ज अदा कर दे।

नामाज़ के बारे में* उलेमा  ने हज पर जाने में रास्ते के बारे में लिखा है की हज की शरियत में से ये भी है कि नमाज़ को अपने औकात में अदा करें अगर रास्ता ऐसा बन जाए की नमाज़ के अदा करने का वक्त नहीं मिल सकता, तो हज की फर्जियत नहीं रहती। इसलिए नामाज़ का एहतमाम करें।

मुफ़्ती अशफाक* मेघनगर (झाबुआ) एवं जिला उज्जैन

ईदुज़्ज़ुहा की नमाज का समय मरकज़ पर हुआ तय, ईद की नामाज़ ईदगाह में 7:30 बजे होगी

मरकज़ के साथ साथ नगर की सभी मस्जिदों में ऐलान किया गया की ईद की नमाज ईदगाह में अदा की जाएगी। इसके लिए सुबह 7:30 बजे का समय तय किया गया है। इधर नूरे मोहम्मदी में ये एलान हुआ की बारीश गिरने की वजहा से नामाज़ मस्जिदों में हुई तो नूरे मोहम्मदी में 7 बजे ईद की नामाज़ अदा की जाएगी।

इस के बरअक्स एलान में समय से पहले ही सभी समाजजनों को ईदगाह में पहुंचने की अपील की गई है, ताकि तय समय पर नमाज अदा की जा सके।

ईदगाह पर खुशी खुशी ये सभी हज़रात तकबीराते तशरीक पड़ते हुए जाएं

शहर के सभी बच्चे जवान बूढ़े हज़रात ईद की खुशी में 17 तारीख को ईद की नामाज़ व कुर्बानी के इंतज़ार में खुशी मनाते हुए देखे जा सकते है ईदगाह पर खुशी खुशी ये तकबीरातें तशरीक पड़ते हुए बच्चे बूढ़े जवान निकले अल्लाहु अकबर अल्लाहु अकबर ला इलाह इल्लल्लाहू वल्लाह अकबर अल्लाहु अकबर वलिल्लाहिल हम्द,पड़ते रहे और वापसी में सभी से मुस्लिम व हिन्दू भाइयों से मुलाकात कर ईद की मुबारकबाद दी जाएगी व मुल्क में अमन चैन की दुआ भी की जाएगी।

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