रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र),NIT:

मेघनगर रविवार बच्चों को सुसंस्कार का विशेष पाठ अनुस्वाध्याय भवन वर्षावास हेतु विराजित अणुवत्स पूज्य संयत मुनीजी एवं सुभेशमुनिजि द्वारा बताया गया ये संसार कर्मों के कारण चल रहा है।
जब आत्मा कर्मों से पूर्ण रूप से अलग हो जायेगी तब मोक्ष प्राप्त हो जायेगा परन्तु जीव इच्छाओं की पूर्ति में लगा हुआ है इच्छा दुःख को जन्म देती है भौतिक सुख सुविधाओं एवं पद, प्रतिष्ठा, मान सम्मान की आशक्ति बढ़ने के चलते जीवन दुःखी बना हुआ है।
आजकल कुसँस्कार इतने शीघ्र आ रहे हैं की सुसंस्कारों को बचाना मुश्किल हो गया है मित्र बनाना अच्छा है
प्रतिदिन अपरिचित फ्रेंड रिक्वेस्ट आती है परन्तु सावधानी से संस्कारवान मित्र ही बनाना चाहिये अपने बच्चों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है वर्तमान नहीं सुधरा तो भविष्य निश्चित ही बिगड़ेगा फ़ैशन के नाम पर कपड़ो का गलत चयन हो रहा है इनके पीछे पागल नहीं होना चाहिये मुनि भगवंत द्वारा प्रतिदिन भगवान की कही बात बताई जा रही है एवं धर्म से सभी जुड़े ऐसी शिक्षा धर्मसभा के माध्यम से दी जा रही है जिससे प्रेरित हो कर विशेष तप आराधना संघ में चल रही है।
श्रीमती स्नेहलता वागरेचा ने 24, श्रीमती प्रीति धोका, कु दर्शना नाहटा, सुमित ब्रिजवानी ने 22 उपवास के प्रत्यख्यान ग्रहण किये राजेन्द्र लुणावत, 8, विनितजी भंडारी, श्रीमती उर्वशी नांदेचा 7 उपवास, कमलेश भंडारी, अर्पित सोनी, श्रीमती अर्पिता सोनी 6 उपवास, सुनील पावेचा, श्रीमती कुसुम काँठी श्रीमती सीमा जैन, कु सिद्धि वागरेचा,5 उपवास के प्रत्यख्यान ग्रहण किये। सतरंगी तप में कई तपश्वि तेले, बेले उपवास तप की आराधना कर रहे है।
सतरंगी तप आराधना पूर्ण हो रही है सतरंगी तप करने वाले को हसमुखलालजी मिश्रीमल वागरेचा परिवार द्वारा चांदी के सिक्के की प्रभावना वितरित की गई।
प्रवचन की प्रभावना श्री अणु जिनेन्द्र कृपा मंडल मेघनगर द्वारा वितरित की गई।
बच्चों का रविवारीय चतुर्थ शिविर का आयोजन किया गया श्री संघ द्वारा बच्चों को शिविर के बाद स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई।
करीब 130 सामुहिक एकासन तप की आराधना हुई।
एकासन के लाभार्थी श्रीमती विमलादेवी कविन्द्रजी जैन परिवार मेघनगर, रविवार पुज्य श्री के दर्शन वंदन के लिए लिमडी से 40 बच्चे पाठ शाला के पधारे साथ ही अणु जिनेन्द्र मंडल लिमडी के श्रावक, श्राविका भी दर्शन हेतु पधारें, खवासा, कुशलगढ़, बदनावर, सारंगपुर, थांदला, रंभापुर, कई श्री संघ के सदस्य मेघनगर पधारे।
सफल संचालन विपुल धोका ने किया।
