मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

शिक्षक जिनका घर अपनी पत्नी की जिद्दी व गुस्से की आदत के कारण टूटने की कगार पर आ गया था ने परेशान हो परामर्श केंद्र में गुहार लगाई जहाँ पति पत्नी को बुलाकर उनकी वार्ता कराई गई और पत्नी को उसकी पुत्री व पति के प्रति जिम्मेदारी की समझाइश दी गई फलस्वरूप दोनों सद्भावपूर्ण जीवन जीने का एकदुसरे को वचन दिया।
अनुविभागीय अधिकारी के.के. अवस्थी के मार्गदर्शन में अधिवक्ता प्रदीप कुमार शर्मा, आहुति शर्मा, रश्मि राय व प्रीति श्रीवास्तव ने सोलह मामलों की सुनवाई करते हुए उक्त प्रकरण के अतिरिक्त चार मामलों में समझौते की संभावना प्रतीत होती न देख पक्षकारों को न्यायालय की शरण में जाने की सलाह दी जबकि शेष मामलों में पक्षकारों को सद्भावपूर्वक् जीवन जीने की सलाह दे कर वार्ता करने व विचार विमर्श के लिए समय प्रदान किया।
