मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

पति की नाबीना मां की सेवा पत्नी द्वारा नहीं करने पर पति पत्नी का विवाद परामर्श केंद्र पहुंच गया जहां दोनों को बुला कर समझाइश दी गई जिससे पत्नी सेवा करने को राज़ी हो गई।
आवेदक पति की गुहार पर पत्नी को बुलाकर दोनों के बीच वार्ता के परिणाम स्वरूप एक नेत्र हीन माता को उसकी बहु की सेवा का लाभ मिलने की संभावना प्रशस्त हो सकी और घर विखंडित होने बच गया।
अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के.के. अवस्थी के मार्गदर्शन में अधिवक्ता प्रदीप कुमार शर्मा, आहुति शर्मा व रश्मि राय ने उपरोक्त प्रकरण के समझौते के बाद तीन अन्य मामलों में काउंसिलिंग कर पक्षकारों के बीच समझौते की संभावना प्रतीत न होने पर पक्षकारों को न्यायालय की शरण में जाने की सलाह दी, साथ ही साथ शेष छह मामलों में कॉउंसिलिंग कर पक्षकारों को विचार विमर्श करने के लिए समय प्रदान किया।
