MPCCI में आयोजित हुआ फूड लाइसेंस कैम्प. व्यवसायी अपने कारोबार की श्रेणी अनुसार ही फूड लाइसेंस बनवायें: राजेश गुप्ता | New India Times

पवन परुथी, ग्वालियर (मप्र), NIT:

MPCCI में आयोजित हुआ फूड लाइसेंस कैम्प. व्यवसायी अपने कारोबार की श्रेणी अनुसार ही फूड लाइसेंस बनवायें: राजेश गुप्ता | New India Times

फूड लायसेंस नवीनीकरण एवं पंजीयन शिविर का आयोजन गुरुवार 8 जून को प्रात: 11 से 2 बजे तक ‘चेम्बर भवन` में किया गया। इस अवसर पर फूड इंस्पेक्टर-श्री राजेश गुप्ता, अध्यक्ष-डॉ. प्रवीण अग्रवाल, मानसेवी सचिव-दीपक अग्रवाल एवं मानसेवी संयुक्त सचिव-पवन कुमार अग्रवाल सहित कार्यकारिणी समिति सदस्य एवं कारोबारी उपस्थित रहे।
शिविर की अध्यक्षता कर रहे अध्यक्ष डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने कहा कि जानकारी के अभाव या छोटी-मोटी गलतियों का खामियाजा खाद्य पदार्थ कारोबारी न भुगतें। यही इस फूड लायसेंस शिविर का उद्देश्‍य है। शीघ्र ही FOSTAC के लिए भी शिविर चेम्बर भवन में आयोजित किया जायेगा। निकट भविष्य में भी जिन्हें फूड लायसेंस बनवाने हैं, वह चेम्बर सचिवालय में सम्पर्क कर सकते हैं। प्रतिमाह यह शिविर लगे, ऐसा हमारा प्रयास रहेगा।
फूड इंस्पेक्टर-श्री राजेश गुप्ता ने शिविर में बताया कि कुछ फूड लायसेंस लोगों ने ट्रेडर्स/रिटेलर्स के रूप में ले रखे हैं जबकि वह मेन्युफेक्चरिंग करते हैं। उदाहरण के लिए मिठाई बनाना, डेयरी में घी, मक्खन, पनीर बनाना, रेस्टॉरेंट सभी मेन्युफेक्चरिंग में आते हैं। पिसाई केन्द्र या खड़े मसालों से पिसे मसाले बनाने वाले, चाय बनाकर बेचने वाले आदि सभी वह लोग जो मेन्युफेक्चरिंग करते हैं, उनको मेन्युफेक्चरिंग केटेगरी में लायसेंस लेना चाहिये, यदि उनके यहां चेकिंग होती है और मेन्युफेक्चरिंग केटेगरी में लायसेंस नहीं मिलता है तो वह बिना लायसेंस के माना जाता है और उसी अनुसार कार्यवाही होती है। इसलिये आवश्‍यक है कि यदि किसी के पास इस अनुसार लायसेंस में मोडिफिकेशन की आवश्‍यकता हो तो मोडिफिकेशन करवायें या नया बनवाते वक्त इसका ध्यान रखें।
श्री गुप्ता ने बताया कि जो किराना पैक करते हें या मसाला या आटा पीस कर पैक करते हैं तो उन्हें रिमेकर्स की केटेगरी में लायसेंस लेना चाहिए जिसके लिए वह एक ही लायसेंस पर दोनों केटेगरी सिलेक्ट कर एक ही लायसेंस ले सकते हैं। आपने बताया कि जिन लोगों ने फूड लायसेंस ले लिया है उनके लिये फूड सेफ्टी ट्रेनिंग लेना उपयोगी है जो सभी को लेना चाहिए। आपने बताया कि यदि किसी को नियम अनुसार मोडिफिकेशन की आवश्‍यकता है तो उसके लिए पुराने लायसेंस की फोटो कॉपी, आधार कार्ड, शॉप एक्ट रजिस्ट्रेशन की फोटो कॉपी/पेनकार्ड या जीएसटी रजिस्ट्रेेशन में से कोई एक की छायाप्रति लगाना आवश्‍यक है।
श्री गुप्ता ने बताया कि FOSTAC (फूड सेफ्टी ट्रेनिंग) के लिए शीघ्र ही चेम्बर भवन में एक कैम्प लगाया जायेगा जिसमें फूड लायसेंस वालों को यह ट्रेनिंग दी जायेगी।
फूड लायसेंस शिविर में 40 से अधिक कारोबारियों के लायसेंस नवीनीकरण/पंजीकृत किये गये।
शिविर के अंत में आभार मानसेवी संयुक्त सचिव-पवन कुमार अग्रवाल द्बारा व्यक्त किया गया। शिविर में कार्यकारिणी समिति सदस्य-महेन्द्र साहू, मुकेश गोयल, दीपक श्रीचंद जैस्वानी, नंदकिशोर गोयल, संजय अग्रवाल, आशीष अग्रवाल, अंकुर अग्रवाल, रोशन गाबरा, व्यापार समिति दाल बाजार के अध्यक्ष-दिलीप पंजवानी, सदस्य-वासुदेव आडवाणी, दिलीप खण्डेलवाल, पंकज गोयल, रोहित गर्ग आदि उपस्थित रहे।

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