मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

भारत के इतिहास में ओडिशा बालासोर रेल दुर्घटना का दिन एक काला दिन का इतिहास हमेशा के लिए बन गया है। इस भयानक रेल हादसे में इस देश के लगभग उन 290 माँ बहनों एवं माता पिता और बच्चो ने अपनी जान गवाई है जिसकी कल्पना कर लेने मात्र से शरीर में रोंगटे खड़े हो जाते हैं और सिरहन दौड़ उठती है। भारतीय मूल की मानव सेवी अंतर्राष्ट्रीय संस्था जायंट्स ग्रुप ऑफ़ बुरहानपुर एवं जनजागृति संस्था बुरहानपुर के जायंट्स फेडरेशन 7 म.प्र. फेडरेशन अधिकारी महेंद्र जैन, जायंट्स अध्यक्ष डॉ फौज़िया फरहाना सोडावाला ने कहा कि ओडिशा बालासोर रेल दुर्घटना ने भारत के हर दिल को हिला और रुला दिया है। संस्था द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि के अवसर पर जायंट्स व् जनजागृति सदस्यगण सर्व श्री शोभा चौधरी, सुनील सलूजा, डॉ अशोक गुप्ता, अरुण जोशी, अंजू कटकवार के साथ साथ तुषार चौधरी, नमन सलूजा, रुपेश राजे, बसंत दलाल, उपस्थित नागरिकों ने इस भीषण रेल दुर्घटना में हुई दिवंगत पुण्य आत्माओं को परम पिता परमेश्वर अपने चरणों में जगह दें, ऐसी विनंती बुरहानपुर में जायंट्स ग्रुप ऑफ़ बुरहानपुर एवं जनजागृति संस्था बुरहानपुर के द्वारा आयोजित श्रद्धांजली कार्यक्रम में की गई।
जायंट्स अध्यक्ष डॉ फौज़िया फरहाना सोडावाला एवं जायंट्स फेडरेशन अधिकारी महेंद्र जैन ने कहा कि एसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो, इस हेतु जो दुर्घटना घट चुकी है, उसकी जाँच उच्च से उच्च स्तर पर कर दोषी व्यक्तियों को दण्डित किया जाए, चाहे वह किसी भी पद पर बैठा हो, क्योंकि हमारे भारत देश की संस्कृति यह कहती की मानवता मूल धर्म और मूल मंत्र है। उपरोक्त जानकारी जायंट्स सदस्य सुनील सलूजा एवं अंजू कटकवार ने दी है।
