रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का आदिवासी बाहुल्य जिला झाबुआ के गोपालपुरा ग्राम में दोरा शासकीय तंत्र का उपयोग अन्य जिलों से लाई गई महिलाओं को एकत्रित कर झूठी घोषणाएं और महिलाओं को लॉलीपॉप देने जैसा रहा। उक्त आरोप लगाते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री विधायक कांतिलाल भूरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री को 18 वर्ष तक बहनों की याद नहीं आई चुनाव के पास आते ही झूठी घोषणाएं और महिलाओं को लॉलीपॉप देते हुए लाडली बहना योजना लागू कर रहे हैं। शिवराज सिंह ने दस्तावेजों का ऐसा चक्रव्यूह चलाया कि प्रदेश की लाखों महिलाएं वंचित रह गईं वहीं प्रदेश के भाइयों जो कि बेरोजगार होकर दर-दर भटक रहे हैं उनके लिए कोई कार्य योजना तैयार नहीं की। वहीं कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में प्राथमिकता के आधार पर नारी सम्मान योजना को महत्व दिया जिसमें कोई दस्तावेजों की झंझट नहीं उम्र का कोई बंधन नहीं पात्र महिलाओं को 15 सौ रुपए प्रतिमाह, ₹500 में गैस सिलेंडर, पुरानी पेंशन बहाली, बेरोजगारों के लिए रोजगार, यह सरकार बनते ही कानून लागू कर दिया जाएगा। कांग्रेस जो कहती है वह करती है जिसका ताजा उदाहरण कर्नाटक में जो वादे वचन पत्र में किए पांचों कानून लागू कर दिए। आज पंचायतों में विकास कार्य अवरुद्ध हैं, जनप्रतिनिधि परेशान हैं, पंचायतों में राशि नहीं नगर निकायों में राशि नहीं कर्मचारी परेशान नित्य आंदोलन कर ज्ञापन दे रहे हैं।
भूरिया ने कहा कि बिजली बिल हजारों के आ रहे हैं बिजली कटौती से आमजन किसान परेशान है महंगाई आसमान छू रही है शासकीय तंत्र का उपयोग कर अन्य जिलों से महिलाएं एकत्रित कर वाहवाही लूटी गई है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के दौरे को लोकार्पण के नाम की झूठी घोषणा और महिलाओं को लॉलीपॉप देने जैसा कृत्य बताया, प्रदेश की जनता भाजपा की कथनी करनी का अंतर समझ चुकी है आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को बेरोजगार युवा व्यापारी कर्मचारी किसान बाहर का रास्ता दिखा देंगे।
