20 साल से पानी के लिए तरस रहे टेक मोहल्ले के ग्रामीण, नदी पार कर लाना पड़ रहा पीने का पानी | New India Times

मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

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जुन्नारदेव के ग्राम पंचायत पनारा के वार्ड नंबर 19, टेक मोहल्ले में रहने वाली फूलवती सूर्यवंशी ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले लगभग 20 वर्षों से मोहल्ले के लोग पीने के पानी के लिए करीब 600 मीटर दूर पैदल जाकर ऊबड़-खाबड़ कच्चे रास्ते से नदी पार कर झिरिया तक जाते हैं।

20 साल से पानी के लिए तरस रहे टेक मोहल्ले के ग्रामीण, नदी पार कर लाना पड़ रहा पीने का पानी | New India Times

झिरिया नाले में लगभग आधा-आधा मीटर की दो छोटी जलधाराएं (झिरिया) बनी हुई हैं, जहां से ग्रामीण रोजाना पीने के पानी की व्यवस्था करते हैं। यहां पानी भरने में काफी समय लगता है। एक व्यक्ति द्वारा दो बर्तन पानी भर लेने के बाद दूसरे या तीसरे व्यक्ति को पानी भरने के लिए लगभग एक घंटा इंतजार करना पड़ता है। कई बार तो पानी नहीं मिलने के कारण लोगों को खाली बर्तन लेकर वापस लौटना पड़ता है।

कभी-कभी ग्रामीणों को 1–2 घंटे बाद फिर से जाना पड़ता है, तब जाकर पानी मिल पाता है। टेक मोहल्ले में लगभग 15 मकान हैं, जिनमें करीब 50 लोगों की आबादी निवास करती है, और ये लोग पिछले 20 वर्षों से बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।

स्थिति यह है कि कई बार घरों में पीने का पानी तक नहीं होता, जिससे लोगों को खाना बनाने और खाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों को घंटों इंतजार करना पड़ता है कि झिरिया में पानी आए, तब वे पानी भरकर घर लौट सकें।

फूलवती सूर्यवंशी, किरण, राकेश, संदीप राय, लाल उइके, मदन उइके, रामकली उइके, अरुण कावरेती, प्रेम कावरेती, मोनू और अन्य ग्रामीण रोजाना नदी पार कर पानी लाने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि उनके मोहल्ले में पीने के पानी की उचित व्यवस्था जल्द से जल्द की जाए।

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