पक्के निर्माण के बजाये वर्षों से की जा रही है एक ही नाले की सफाई, हड़ताल पर शेंदुर्नी नगर पंचायत के कर्मी, शहर में लगा कचरे का अंबार | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

पक्के निर्माण के बजाये वर्षों से की जा रही है एक ही नाले की सफाई, हड़ताल पर शेंदुर्नी नगर पंचायत के कर्मी, शहर में लगा कचरे का अंबार | New India Times

राज्य मंत्री परिषद में नंबर दो की हैसियत रखने वाले गिरीश महाजन के गृह निर्वाचन जामनेर के शेंदुर्नी नगर पंचायत के सफाई कर्मी बीते 8 दिन से हड़ताल पर बैठे हैं लेकिन अब तक किसी ने उनकी सुध नहीं ली है। हड़ताली कर्मियों में महिलाओं की संख्या अधिक है। वेतन विशेष भत्ता, सरकारी छुट्टी, पोशाक सिलाई भत्ता, रिटायर्ड कर्मियों का भविष्य निर्वाह निधि का लंबित पैसा दिया जाए। ठेका सिस्टम पर काम कर रहे सफाई कर्मियों को सरकारी सेवा में शामिल किया जाए जैसी वाजिब मांगों के लिए यह कर्मी हड़ताल कर रहे हैं। हड़ताल के कारण पूरे शहर में कचरे का अंबार लगा पड़ा है जिसके कारण सार्वजनिक स्वास्थ का संकट खड़ा हो गया है। सफाई कर्मियों की पीड़ा के विषय में जो स्थिति शेंदुर्नी में है ठीक वही जामनेर नगर परिषद में भी है, यहाँ भी ठेका सिस्टम के माध्यम से मजदूरों का आर्थिक रूप से शोषण किया जा रहा है।

वर्षों से हो रही है एक ही नाले की सफाई: मानसून पूर्व नाला सफाई के नाम पर राज्य के तमाम शहरों के नालों में जेसीबी कूद पड़े हैं। कही किराए से तो कहीं निगम के अपने जेसीबी में डीजल (फर्जी बिल जोड़कर) डलवाकर राष्ट्र की सेवा में अहम काम किया जा रहा है। जामनेर नगर परिषद द्वारा बस स्टैंड से सटे नाले को सफाई के नाम पर मिट्टी निकाल निकाल कर चौड़ा किया जा रहा है। यह नाला रेलवे स्टेशन की जमीन से आकर बहता है। नाले से पानी के भूमिगत रिसाव से कई जगहों पर की जमीन दलदल जैसी हो गई है। बेहतर होता कि इस नाले को शहर के अन्य नालों की तरह सीमेंट से बनवा लेते और मंत्री जी के हाथों लोकार्पित कराते। वैसे भी मंत्री जी की भाग्यविधाता टाइप वाली इमेज को चमकाने के लिए उनकी पार्टी काफी मेहनत करती है।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Gift this article