देश भर में बिना टिकट यात्रा करने वाले 3 वर्ष में हुए 87 लाख जबकी टिकट बुक कराने वाले यात्री 167.4 करोड़ हो गये कम | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

देश भर में बिना टिकट यात्रा करने वाले 3 वर्ष में हुए 87 लाख जबकी टिकट बुक कराने वाले यात्री 167.4 करोड़ हो गये कम | New India Times

महामारी का भारतीय रेलवे पर अजब-गजब साइड इफेक्ट देखने को मिला है। ट्रेनों में जहां टिकट लेकर सफर करने वाले यात्रियों की संख्या घट गई है वहीं बिना टिकट यात्रा करने वाले बढ़ रहे हैं। 3 वर्ष में बगेर टिकट यात्रा करने वालों की संख्या 87 लाख तक बढ़ गई है। यह खुलासा खुद इंडियन रेलवे की मासिक मूल्यांकन रिपोर्ट (एमईआर) से हुआ है।

2019-20 में देश में 2 करोड़ 64 लाख यात्री बिना टिकट सफर करते पकड़े गए हैं। 2020-21 में लॉकडाउन के कारण ट्रेनों के बंद होने से यह आंकड़ा 27 लाख रह गया, अगले ही साल 2022 में यह आंकड़ा 2 करोड़ 64 लाख 80 हजार तक पहुंच गया। 2023 में तो बेटिकटों का आंकड़ा रिकॉर्ड 3.51 करोड़ के पार पहुंच गया। वह भी तब जबकि टिकट चेकिंग स्टाफ मुस्तैदी से धरपकड़ में जुटा है। हालांकि जुर्माने के रूप में रेलवे को अच्छी-खासी आमदनी हुई।

2020 में बिना टिकट पकड़ाने वालों से 1265 करोड़ रुपए वसूले थे। 2023 में यह राशि 2286 करोड़ रुपए से अधिक पहुंच गई। चौंकाने वाली बात यह है कि 3 वर्ष में टिकट बुक कराने वाले यात्रियों की संख्या 167.4 करोड़ घट गई। 2020 में 811.2 करोड़ यात्रियों ने टिकट बुक करवाए थे। 2023 में आंकड़ा 643. 8 करोड़ ही रह गया। बेटिकट सफर करने वालों पर लगाम के लिए रेलवे नई योजना पर काम कर रहा है। स्टेशन एरिया और एंबुश चेकिंग को बढ़ाया जाएगा, अफसरों से लेकर प्रत्येक स्टाफ को टारगेट मिलेगा। हर माह मॉनिटरिंग की जाएगी।

टिकट चेकिंग स्टाफ की सख्ती के बावजूद नही मान रहे है लोग, ऐसे को पकड़ने व आदत बदलवाने रेल्वे बना रहा है प्लान

पश्चिम रेलवे समेत 5 जोन में घटा बेटिकटों का आंकड़ा, 11 में बढ़ा

भारतीय रेलवे में 16 जोन हैं। इनमें से पश्चिम – रेलवे समेत पांच जोन ऐसे हैं, जिनमें पिछले 3 वर्ष में बे टिकट यात्रियों की संख्या कम हुई। पश्चिम रेलवे में 2020 में 25 लाख 77 हजार 525 जबकि 2023 में 25 लाख 23 हजार 356 यात्री बिना टिकट मिले। यही स्थिति उत्तर, उत्तर मध्य, उत्तरी सीमांत, दक्षिण मध्य रेलवे जोन की भी है। इसके उलट 11 जोन में बिना टिकट यात्रा करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इनमें मध्य पूर्व, पूर्व मध्य पूर्व तटीय, उत्तर पूर्व, उत्तर पश्चिम, दक्षिण, दक्षिण पूर्व, दक्षिण पूर्व मध्य, दक्षिण पश्चिम और पश्चिम मध्य जोन शामिल हैं।

रतलाम मंडल में सख्ती का असर, बिना टिकट कम पकड़ाए लेकिन वसूली ज्यादा यह टिकट चेकिंग स्टाफ

की सख्ती का असर है कि मंडल में बिना टिकट यात्रा करने वाले कम हो गए। 2021-22 में 3 लाख जबकि 2022-23 में 2.68 लाख यात्री पकड़ाए। बावजूद मंडल को अच्छी-खासी कमाई हुई। 2021-22 में बेटिकट यात्रियों से 18.70 करोड़ रुपए की पैनल्टी वसूली थी, जो 2022-23 में बढ़कर 19.39 करोड़ पहुंच गई। पीआरओ खेमराज मीणा ने बताया बिना टिकट या गलत टिकट लेकर यात्रा करने वालों को रोकने के लिए टिकट चेकिंग स्टाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है। नियमानुसार जुर्माना लिया जाता है। इस साल और सख्ती करेंगे।

साल- बेटिकट यात्री- जुर्माना

2020- 2.640- 1365.77

2021- 2.704- 143.04

2022- 2.648- 1581.00

2023- 3.512 – 2286.70

(बेटीकट यात्री और जुर्माने के आंकड़े करोड़ में)

सालाना सफर करने वाले यात्री और आय

साल – यात्री – आय

2020 -811.2- 50676.31

2021- 128.7- 15248.47

2022 – 354.7 -39214.39

2023 – 643.8 -63300.09

(नोट: यात्री व आय के आंकड़े करोड़ में)

बेटिकट में रेलवे जोन के हालात

रेलवे – 2020 – 2023

मध्य-3473767-4521461

पूर्व-1760127-1802810

पूर्व मध्य-2746419-3894040

पूर्व तटीय रेलवे-708111-1164191

उत्तर-4624473-4371719

उत्तर मध्य-2112022-1973198

उत्तर पूर्व-1389741-1875161

उत्तरी सीमांत-1015689-778808

उत्तर पश्चिम-510978-910674

दक्षिण1665080-2115194

दक्षिण मध्य-3086757-2927249

दक्षिण पूर्व-1040285-1546722

दक्षिण पूर्व मध्य-710240-1294940

दक्षिण पश्चिम-938123-1392230

पश्चिम2577525-2523356

पश्चिम मध्य-1337979-2036175

(आंकड़े रेलवे की एमईआर के अनुसार)

By nit

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