मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

केंद्रीय हज कमेटी मुम्बई हाजियों के साथ खुली नाइंसाफी और लूट कर रही है। इस नाइंसाफी और लूट पर हाजियों की ओर से अपने निर्वाचित जन प्रतिनिधियों के माध्यम से आवाज़ बुलंद करने के बावजूद भी हाजियों को इंसाफ नहीं मिलने पर हाजियों ने इंसाफ के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया जहां 19 कवर के हाजियों को बुरहानपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिसिंग एडवोकेट मनोज कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में मध्य प्रदेश स्टेट हाईकोर्ट की प्रिंसिपल बेंच जबलपुर से राहत नसीब हुई। वकीलों के बारे में यह बात मशहूर है कि वे अपने मुवक्किल की पीड़ा/ विष को पीते हैं और बदले में आपको अमृत प्रदान करते हैं। ईवाने इक़्तेदार जब आपकी बात को नहीं सुने तो पीड़ित पक्ष को अपने अधिवक्ता के माध्यम से कानून के रास्ते से कानून पर चोट करने का अधिकार प्राप्त है। बुरहानपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज कुमार अग्रवाल ने शाही जामा मस्जिद बुरहानपुर के माता वर्ली हजरत सैयद तिलत तमजीद उर्फ़ बाबा मियां के नेतृत्व में 19 कवर के आज़मीने हज में सर्वश्री (1) शेख युसूफ शेख अब्दुल कादर सिद्दीकी वार्ड बुरहानपुर (2) मोहम्मद आमीन मोहम्मद अकील मोमिनपुरा बुरहानपुर (3)आमिर हुसैन सरवर हुसैन दाऊदपुरा बुरहानपुर (4) सैयद मोज्जम सय्यद करीम, मुल्लाह हयाती की मस्जिद के पास बुरहानपुर (5) असलम खान मोहम्मद खान नियर टेंपो स्टैंड पंकज बुरहानपुर (6) मोहम्मद शरीफ अब्दुल रशीद निवासी टेंपो स्टैंड (7) अहमद मुस्ताक मोहम्मद साहब एसके कॉलोनी, ट्रांसपोर्ट नगर बुरहानपुर(8) शेख इब्राहिम शेख महबूब जैनाबाद बुरहानपुर (9) मोहम्मद साहब अब्दुल बनी खैराती बाजार बुरहानपुर (10) अज़ीज़ अहमद खान अब्दुल सत्तार निवासी नेपानगर जिला बुरहानपुर (11) मोहम्मद आमीन अब्दुल सत्तार निवासी दीक्षित गली लोहार मंडी बुरहानपुर (12) अब्दुल अज़ीज़ अब्दुल हफीज़ निवासी अंबेडकरनगर बुरहानपुर (13) शेख़ सलीम शेख़ शकील, निवासी नूर कॉलोनी आजाद नगर बुरहानपुर(14) शहीद नूर मोहम्मद निवासी आजाद नगर बुरहानपुर (15) अब्दुल गफ्फार अब्दुल हकीम सिंधीपुरा आजाद वार्ड बुरहानपुर (16) सादिक कुल्ला गोरेगांव बेरी मैदान बुरहानपुर (17) मोहम्मद यासीन मोहम्मद बहादर अब्दुल कादर सिद्दीकी वार्ड बुरहानपुर (18) अब्दुल जब्बार मोहम्मद रमज़ान निवासी हरीपुरा पत्थर कुवा बुरहानपुर (19) नवाब खान हाजी अलाबदी ख़ान निवासी सिंधीपुरा सुनार पट्टी बुरहानपुर की पीड़ा को क़ानून के माध्यम से हाईकोर्ट के समक्ष याचिका प्रस्तुत कर बताया कि सुविधा के नाम पर महंगी असुविधा, मुंबई के बजाए इंदौर से हजयात्रा प्रति यात्री रु 53,000/- महंगी, आधे से ज्यादा राशि लेने के बाद शेष राशि लेने के समय हाजियों को बताया गया। बुरहानपुर के हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के प्रैक्टिसिंग एडवोकेट मनोज कुमार अग्रवाल ने उच्च न्यायालय के समक्ष बताया कि हजयात्रा किराए में लगभग रू 53,000/- प्रति हज-यात्री पर अतिरिक्त भार डालने को लेकर प्रस्तुत की और भारत सरकार/हज कमिटी ऑफ इंडिया सहित अन्य को पक्षकार बनाया। जिसमें मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की प्रिंसिपल बैंक जबलपुर के विद्वान न्यायाधीश ने अभूतपूर्व आदेश/निर्देश जारी करते हुए, 10 दिन में निराकरण करने के आदेश कल दि. 22.05.2023 को जारी किए । हज-यात्रियों की ओर से हाईकोर्ट में पैरवी कर रहे अधिवक्ता श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि, पूर्व में बुरहानपुर के मुस्लिम धर्मावलंबीयों को हजयात्रा के लिए भारत सरकार का विभाग “हज कमिटी ऑफ इंडिया” सामान्यतः “मुंबई से फ्लाइट” द्वारा यात्रा प्रारम्भ करती थी, किंतु इस वर्ष “2023 की हजयात्रा” प्रारंभ करने के लिए हज-यात्रियों को सुविधा के नाम पर “इंदौर से फ्लाइट” का भी विकल्प दिए जाने पर बुरहानपुर के यात्रियों ने “इंदौर से फ्लाइट” का विकल्प देते हुए आधे से अधिक राशि भी जमा कर दी । किंतु तीसरी अंतिम किश्त की रकम जमा करने के समय, जब पहली बार “हज कमिटी ऑफ इंडिया” ने विभिन्न शहरों “इंदौर/मुंबई आदि” से यात्रा प्रारम्भ करने वाले हजयात्रियों से ली जाने वाली अंतिम किश्त की विभिन्न रकमों की लिस्ट जारी की तो, सभी हजयात्री यह देख हैरानी में पड़ गए कि, इंदौर से हजयात्रा प्रारंभ करने में मुंबई की तुलना में लगभग रू 53,000/- ज्यादा लग रहे है । इस प्रकार, मुंबई के बजाए इंदौर से हजयात्रा प्रारंभ करना ,उनके लिए सुविधा के बजाए महंगी /अनुचित /असुविधा बन गया । हजयात्रियों के द्वारा इसकी शिकायत “हज कमिटी ऑफ इंडिया” के साथ साथ भारत सरकार के संबंधित विभाग के मंत्रियों आदि से करने के बावजूद, जब कोई हल नहीं निकला तो, बुरहानपुर के 19 हजयात्रियों ने अपने अधिवक्ता श्री मनोज कुमार अग्रवाल/ श्री अजहर हुसैन के माध्यम से उच्च न्यायालय में याचिका लगाई जिसमें कल दि. 22.05.2023 को उक्त महत्त्वपूर्ण आदेश पारित हुए है, जिसमें भारत सरकार सहित हज कमिटी ऑफ इंडिया को बुरहानपुर के इन 19 हजयात्रियों को हजयात्रा प्रारंभ करने का स्थान/एयरपोर्ट “इंदौर” के बजाए “मुंबई” करने तथा ऐसी स्तिथि में , जमा की जा चुकी अतिरिक्त रकम लगभग रू 53,000/- वापस लौटाए जाने संबंधी निर्देश जारी किए गए हैं। इसी प्रकार की समान याचिका महाराष्ट्र के शहरों में लगाई गई थी जिसमें हाई कोर्ट ने राहत देते हुए उन्हें रिफंड की सुविधा प्रदान की है, वहीं आंध्र प्रदेश की सरकार ने हाजियों को प्रति हाजी ₹80000 से अधिक की राशि उनके खाते में सीधे जमा कराने का समाचार सोशल मीडिया के माध्यम से वायरल हुआ है। काश। केंद्रीय हज कमेटी सहित हमारी केंद्र और राज्य सरकारें, हमारी हज कमेटियां, हाजियों की पीड़ा को समझ कर हाईकोर्ट के आदेशों के पालन में स्वता संज्ञान लेकर व्यापक लोकहित में सभी हाजियों को राशि लौटाने पर कर सकारात्मक रूप से विचार कर अंतर की राशि हाजियों के खातों में जमा करा कर राहत प्रदान करें।
