हरदा में कुपोषण से 31और निमोनिया से 44 बच्चे ग्रसित | New India Times

जितेंद्र वर्मा, हरदा ( मध्यप्रदेश ), NIT; ​हरदा में कुपोषण से 31और निमोनिया से 44 बच्चे ग्रसित | New India Timesशासन द्वारा जहां कुपोषित छोटे छोटे बच्चो के लिए विभिन्न योजनाओं को लगातार विस्तार मिला है वहीं आज हरदा जिले में इस तरह की बड़ी लापरवाही सामनेईआई है। जिले की खिरकिया तहसील में जहाँ अति कुपोषित 31 बच्चे मिले वहीँ हरदा में निमोनिया से ग्रसित 44 बच्चे मिले हैं। अब तक इन बच्चों को चिंह्नित किया गया हैं इलाज शुरू नहीं हुआ है। 

 हरदा जिले के खिरकिया व् हरदा विकासखंड दस्तक अभियान के तहत सर्वे किया गया जिसमें खिरकिया विकासखंड में 31 बच्चे गंभीर कुपोषण के शिकार मिले हैं और साथ ही हरदा में 44 बच्चे निमोनिया से भी ग्रसित मिले हैं। NIT सांवाददाता ने जब इस संबंध में जिला चिकित्सा अधिकारी से बात की तो उन्होंने इसे एक नॉर्मल बात बताते हुए बच्चों के इलाज की बात कहकर इति श्री कर ली। दस्तक अभियान के तहत यहां मैदानी हकीकत उजागर हो रही है। कुपोषण के सवाल पर महिला बाल विकास अधिकारी का रवैया हैरान कर देने वाला है। उनके मुताबिक अति कुपोषण जैसा कुछ होता ही नहीं है, आप पूरी सुन लीजिए कि इस गंभीर विषय पर यह महिला अधिकारी कितनी संजीदा है। जब हमने यही सवाल हरदा कलेक्टर से किया तो उन्होंने अति कुपोषण को लेकर कहा कि शासन-प्रशासन इस पर गंभीर है और हम लगातार सर्वे करवाकर ऐसे बच्चों को खोज रहे हैं और इनका इलाज करवाया जा रहा हैं। सवाल यह उठता है जब सरकार की कई योजनाएं कुपोषण को दूर करने के लिए चलाई जाती हैं,  बवजूद इसके इतनी अधिक संख्या में कुपोषित बच्चों का मिलना इस योजना की पोल खोल रही है। क्या वास्तव में जमीनी हकीकत इतनी गंभीर नजर आती है?  सर्वे पिछले हफ्ते ही हुआ वह है लेकिन अगस्त तक का आंकड़ा देखा जाए तो यह संख्या करीब 800 तक पहुंच रही है। हरदा जैसे छोटे से जिले में अगर कुपोषण के यह हालात हैं तो पूरे मध्यप्रदेश में की क्या स्थिति होगी यह अंदाजा लगाया जा सकता है। ​हरदा में कुपोषण से 31और निमोनिया से 44 बच्चे ग्रसित | New India Timesशांति बेले (महिला बाल विकास अधिकारी) हरदा से जब इस सम्बन्ध में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने टाल मटोल कर जबाब दिया।           

श्रीकांत बनोठश(कलेक्टर हरदा):  कुपोषण बहुत ही गंभीर समस्या है जैसा की आपने बताया है। कुपोषित बच्चे मिले हैं। उन्हें तत्काल दिखवाया जायेगा ।               

आऱसी उदेनिया(सीएमएचओ) जिला चिकित्सालय हरदा-

हरदा में कुपोषण से ग्रसित जो भी बच्चे आते हैं जैसे टिमरनी, खिरकिया, हरदा के सभी बच्चों का उपचार कराया जाएगा ।

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