सद्दाम हुसैन, मोहनलालगंज/लखनऊ (यूपी), NIT:

लखनऊ के मोहनलालगंज में बेटी की विदाई से पहले एक पिता फंदे पर झूल गया। रविवार की सुबह उसका शव घर के पास आटा चक्की में फंदे से लटकता मिला। आज ही उसकी बेटी की शादी भी है और शाम को बारात आनी थी, घर पर तमाम रिश्तेदार जुटे हुए हैं। घटना के बाद से लोगों की खुशियां मातम में बदल गईं।

घटना के पीछे की वजह आर्थिक तंगी बताई जा रही है। घटना लखनऊ जिले के मोहनलालगंज के गांव टिकरा में शनिवार रात हुई। रविवार की सुबह लोगों को इसकी जानकारी हो पाई। मोहनलालगंज कोतवाली प्रभारी कुलदीप दुबे ने मीडिया को बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।

मोहनलालगंज के टिकरा गांव में सुनील द्विवेदी (51) रहते थे। उनकी 6 बेटियां और एक बेटा है। रिश्तेदारों ने बताया कि सुनील के घर की माली हालत ठीक नहीं है, सुनील जिम्मेदारियों के बोझ तले दबा हुआ था। जैसे-तैसे उसने 3 बेटियों की शादी कर दी थी। उसने घर के पास ही आटा चक्की खोल रखी थी। इससे गुजारा न होने पर वह प्रापर्टी डीलिंग का भी काम करने लगा था। इसके बावजूद परिवार का खर्च चलाने में काफी मुश्किल आ रही थी। बेटा अभी कुछ नहीं करता है। इससे उसे परिवार से कोई मदद भी नहीं मिल पा रही थी। जैसे-तैसे उसने इधर-उधर से कर्ज लेकर चौथे नंबर की बेटी नव्या द्विवेदी की शादी तय की थी। शादी कानपुर के आकाश पांडेय से होनी है। आज शाम को बारात आनी है। कुछ दिनों से सुनील काफी परेशान चल रहे थे। कह रहे थे कि शादी में काफी रुपए खर्च हो जाएंगे, लोगों को चुकाने के लिए इंतजाम कहां से करेंगे। पिता के बारे में पूछने पर नव्या बिलख पड़ीं फिर समझाने पर सिसकते हुए बताया कि मेरी विदाई से पहले पापा ने छोड़ दी दुनिया, पापा हमेशा हम लोगों को लेकर फिक्रमंद रहते थे। एक-एक रुपया जोड़कर और कर्ज लेकर रिश्ता तय किया था। नहीं मालूम था, मेरी विदाई से पहले वह दुनिया छोड़ देंगे। भाई छोटा है, वह अभी पढ़ाई ही कर रहा है। पापा अकेले घर का खर्च चलाते थे। वह शादी के इंतजाम में अंदर से टूट गए थे।
गमगीन माहौल में होंगे फेरे: घर पर जुटे रिश्तेदारों ने बताया “बेटी की शादी पर पिता की मौत पर सभी दुखी हैं। सुनील का सपना था कि नव्या की शादी वह धूमधाम से करे। ऐसे में हम लोगों ने शादी टालना ठीक नहीं समझा। सभी तैयारियां हो चुकी हैं। सुनील के शव का शाम को पोस्टमार्टम होगा। उसी दौरान बारात भी आएगी। सभी रस्में निभाई जाएंगी। सुनील के शव को नव्या की विदाई के बाद गांव लाया जाएगा।
