आवारा कुत्तों पर नियंत्रण को लेकर विधायक अर्चना चिटनिस एवं महापौर माधुरी पटेल ने किया एबीसी सेंटर का निरीक्षण | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

शहर में लगातार बढ़ रही आवारा कुत्तों की समस्या और रैबीज जैसी जानलेवा बीमारी के खतरे को देखते हुए नगर निगम बुरहानपुर ने एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी क़दम उठाया है। नगर निगम बुरहानपुर द्वारा शहर में एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) अभियान की शुरुआत की गई है, जिसके तहत आवारा कुत्तों की नसबंदी, रैबीज का टीकाकरण एवं संपूर्ण स्वास्थ्य जांच कर उन्हें सुरक्षित रूप से उनके क्षेत्र में वापस छोड़ा जा रहा है।

इस जनहितकारी अभियान के तहत बुरहानपुर की लोकप्रिय विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) एवं नगर पालिका निगम बुरहानपुर की महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल ने रेणुका माता रोड स्थित नगर निगम के एबीसी सेंटर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सेंटर की व्यवस्थाओं, चिकित्सकीय सुविधाओं, फील्ड टीम की कार्यप्रणाली एवं अभियान की प्रगति की समीक्षा की और नगर निगम की इस पहल को सराहनीय बताया। अभियान के तहत अब तक 900 से अधिक आवारा कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है।

नगर निगम की पहल दूरदर्शी और जनहितकारी-विधायक अर्चना चिटनिस दीदी

निरीक्षण के दौरान श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि शहर में आवारा कुत्तों के काटने की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं, जिससे रैबीज जैसी घातक बीमारी का खतरा बढ़ गया था। ऐसे में नगर निगम द्वारा एबीसी अभियान की शुरुआत करना एक दूरदर्शी, वैज्ञानिक और मानवीय पहल है।

उन्होंने कहा कि जन स्वास्थ्य की रक्षा सरकार और नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। एबीसी अभियान से आवारा कुत्तों की अनियंत्रित बढ़ती आबादी पर रोक लगेगी और रैबीज जैसी जानलेवा बीमारी से नागरिकों को सुरक्षा मिलेगी। उन्होंने नगर निगम बुरहानपुर के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान अन्य नगर निकायों के लिए भी प्रेरणादायक मॉडल बनेगा।

वैज्ञानिक पद्धति से हो रही नसबंदी और टीकाकरण प्रक्रिया

श्रीमती चिटनिस ने बताया कि नगर निगम की विशेष प्रशिक्षित टीमों द्वारा शहर के विभिन्न वार्डों और मोहल्लों से आवारा कुत्तों को मानवीय तरीके से पकड़ा जा रहा है। पकड़े गए कुत्तों को नगर निगम के एबीसी सेंटर लाया जाता है, जहां उनकी नसबंदी, रैबीज टीकाकरण एवं संपूर्ण स्वास्थ्य जांच की जाती है।

नसबंदी के पश्चात कुत्तों के कान में विशेष पहचान टैग लगाया जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि संबंधित कुत्ते का टीकाकरण और नसबंदी पूर्ण हो चुकी है। इसके बाद कुत्तों को पुनः उसी क्षेत्र में छोड़ा जा रहा है, ताकि उनके क्षेत्रीय व्यवहार में असंतुलन न हो और वे आक्रामक न बनें।

स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ बुरहानपुर की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि एबीसी अभियान शहर को सुरक्षित, स्वच्छ और स्वस्थ बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे अभियान में सहयोग करें और किसी भी आवारा कुत्ते की जानकारी नगर निगम को दें, ताकि टीम द्वारा उसे उपचार एवं टीकाकरण के लिए लाया जा सके। यह पहल जन स्वास्थ्य, स्वच्छता और पशु संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल ने बताया कि शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और रैबीज के संभावित खतरे को देखते हुए नगर निगम ने एबीसी अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि इस अभियान से न केवल आवारा कुत्तों की आबादी नियंत्रित होगी, बल्कि रैबीज जैसी घातक बीमारी के प्रसार पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा।

उन्होंने कहा कि नसबंदी और टीकाकरण के बाद कुत्तों को उनके मूल क्षेत्र में वापस छोड़ा जा रहा, जिससे उनके स्वभाव में आक्रामकता कम होगी और वे बीमारी के वाहक नहीं बनेंगे। नगर निगम द्वारा इस अभियान के लिए आवश्यक संसाधन, पशु चिकित्सक, फील्ड स्टाफ और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

नागरिकों के लिए राहत, पशु कल्याण को भी प्राथमिकता

नगर निगमायुक्त संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि एबीसी अभियान से शहर में आवारा कुत्तों के काटने की घटनाओं में कमी आएगी और नागरिकों को भयमुक्त वातावरण मिलेगा। साथ ही यह अभियान पशु कल्याण को ध्यान में रखते हुए मानवीय तरीके से संचालित किया जा रहा है, जिससे पशुओं को नुकसान पहुंचाए बिना उनकी संख्या नियंत्रित की जा सके।

निरीक्षण के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ.मनोज माने, जिला पंचायत उपाध्यक्ष गजानन महाजन, शाहपुर नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि वीरेन्द्र तिवारी, जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रदीप पाटिल, चिंतामन महाजन, कैलाश पारीख, आशीष शुक्ला, रूद्रेश्वर एंडोले, फिरोज तड़वी, दिवाकर कोली, सुनिल वाघे, दुर्गेश शर्मा, कृष्णा शाह, नगर निगम के अधिकारी, पशु चिकित्सक, फील्ड स्टाफ, स्वच्छता विभाग के अधिकारी एवं अन्य संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.