मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, भोपाल (मप्र), NIT:

खरगोन की घटना पर मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जो तथ्य सामने आए हैं उसके अनुसार एक संप्रदाय विशेष को ही पूर्णतया: दोषी माना जा रहा है। घटना के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और मध्य प्रदेश के गृहमंत्री के बयान बहुत स्पष्ट थे। मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बुलडोजर नीति के तहत प्रदेश सरकार द्वारा जो क़दम उठाए गए हैं, वह मध्य प्रदेश की जनता के सामने है। बीते कुछ दिनों में संपूर्ण मध्यप्रदेश में यह मंज़र सब ने अपनी आंखों से देखा है। राज्य शासन के समक्ष बुलडोजर चलाना ही न्याय का प्रतीक बन गया है। हालिया घटनाओं पर सोशल मीडिया के माध्यम से इंदौर की एक कांग्रेस नेत्री, एस डी पी आई पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के पदाधिकारियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखी है, वहीं भोपाल के कद्दावर मुस्लिम नेता और पूर्व विधायक/मंत्री एवं भोपाल के वर्तमान मुस्लिम विधायक का इस संबंध में कोई बयान अब तक सामने नहीं आया है, इसकी वजह क्या हो सकती है यह तो भोपाल के वर्तमान एवं पूर्व मुस्लिम विधायक ही बता सकते हैं। भोपाल के पूर्व एवं वर्तमान मुस्लिम विधायक की कमी को शहर क़ाज़ी भोपाल ने पूरी करते हुए अपनी जिम्मेदारी का एहसास मुस्लिम नेतृत्व को कराया है और मध्य प्रदेश के डीजीपी के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए एक लिखित ज्ञापन संयुक्त हस्ताक्षर से दिया है, जिसे पाठकों के समक्ष निम्न अनुसार मूल रूप में आप के अवलोकन हेतु प्रस्तुत किया जा रहा है: “जैसा कि आपको मालूम है कि हमारा मध्य प्रदेश अमन का गेहवारा रहा है परंतु पिछले कुछ माह से मध्यप्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है, इस कड़ी में वर्तमान में खरगोन एवं सेंधवा में रामनवमी के जुलूस के समय मस्जिदों की दीवारों पर चढ़कर भगवा झंडा लगाया गया और भड़काऊ नारे लगाए गए जिससे सांप्रदायिक दंगा हुआ, जिसमें पुलिस और दंगाइयों द्वारा मुस्लिम समाज को निशाना बनाया जा कर उनके घरों, मकानों, दुकानों को तोड़ा एवं जलाया गया और उन्हीं बेकसूर लोगों को जेलों में ठूंस दिया गया। प्रशासन द्वारा भी आनन-फानन में बिना जांच मुस्लिम समाज के कई घर और दुकानें तोड़ी गई जिस पर 100 परिवारों को खरगोन से पलायन करना पड़ा। यह मुस्लिम समाज के खिलाफ सरासर ज़ुल्म ज्यादती है और कानून का खुला उल्लंघन है। इसके पूर्व भी रायसेन जिले के ग्राम खमरिया में बिना जांच इसी तरह मुस्लिम समाज के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की जा कर उनके घर,मकान तोड़े गए। फसल उजाड़ दी गई। इसी तरह रायसेन भोपाल में भी असामाजिक तत्वों द्वारा फिज़ा ख़राब करने की कोशिश की जा रही है। समाचार पत्रों में सत्ताधारी पार्टी के विधायकों द्वारा ऐसे बयान दिए जा रहे हैं,जिससे दंगे और भड़कें। इस और भी आपको ध्यान देना होगा। इस तरह के गैर जिम्मेदारी वाले बयान देने वाले वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई करना होगी। ऐसा ना हो कि कहीं देर हो जाए और यह आग पूरे मध्यप्रदेश में फैल जाए और काबू करना मुश्किल हो जाए और मजलूम लोग दूसरा कदम उठाने के लिए मजबूर हों।”
