अरशद आब्दी, ब्यूरो चीफ, झांसी (यूपी), NIT:

ऐक्टर हैदर अली ने बताया कि रमज़ान का महीना इबादतों का मुबारक महीना है। इसमें रोजा रखने के साथ साथ आप नमाज़ पढ़ें, कुरान शरीफ़ की तिलावत करें, वालदैन की खिदमत करें, गरीब बेसहारों की मदद करें। हैदर अली ने बताया इस मुबारक महीने में एक नेक काम करने का सवाब 70 गुना मिलता है। इस महीने में अल्लाह अपने रहमतों के दरवाजों को खोल देता है। हैदर अली ने बताया कि खाली भूखे पेट रहने का नाम रोजा नहीं है, रोज़े रखने के बाद आप ये देखें की आप आंखों से गलत चीजें तो नहीं देख रहे, कानों से गलत तो नहीं सुन रहे, मुँह से गलत बातें तो नहीं बोल रहे, हाथों से गलत काम तो नहीं कर रहे, पैरों से चलकर कहीं गलत जगह तो नहीं जा रहे, जब इन सब बातों का ध्यान रखेंगे तभी आपका रोज़ा कबूल होगा। हैदर अली ने बताया कि आप सेहरी और इफ्तार करते समय अपने आस पास देखें कोई गरीब इंसान तो नहीं है, अगर है तो उसे अपनी हैसियत के हिसाब से सेहरी और इफ्तार का सामान दिलवाएं तभी आपका अल्लाह आपसे खुश होगा और आपका रोजा भी कबूल होगा। इस मुबारक महीने में आप जितने नेक काम करेंगे अल्लाह आपके जीवन में उतनी ही खुशियां भर देंगे। रमज़ान के महीने में अपनों के साथ साथ दूसरों के लिए भी दुआ करें।
