बुरहानपुर में मसाला फसलों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन 13 मार्च को, मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान करेंगे उद्घाटन | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

बुरहानपुर में मसाला फसलों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन 13 मार्च को, मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान करेंगे उद्घाटन | New India Times

फसल विविधीकरण अंतर्गत मसाला फसलों के उत्पादन, प्रसंस्करण एवं प्राकृति खेती के प्रोत्साहन हेतु बुरहानपुर के परमानंद गोविंद जी वाला ऑडिटोरियम में 13 एवं 14 मार्च 2022 को प्रात: 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तरीय कार्यशाला का शुभारंभ प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान करेंगे। यह बात भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने पत्रकार वार्ता में कार्यशाला के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए कही। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेन्द्रसिंह राजपूत, जनपद पंचायत अध्यक्ष किशोर पाटिल, कृषि समिति अध्यक्ष गुलचंद्रसिंह बर्ने, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष राजू पाटिल, महामंत्री स्वर्णसिंह बर्ने एवं सुनिल वाघे उपस्थित रहे। श्रीमती चिटनिस ने बताया कि उद्घाटन सत्र और कार्यशाला में सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। साथ ही मंडी बोर्ड उपाध्यक्ष एवं नेपानगर की पूर्व विधायिका सुश्री मंजू राजेन्द्र दादू, नेपानगर विधायक श्रीमती सुमित्रादेवी कास्डेकर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गायत्री राजाराम पाटीदार, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज लधवे सहित अन्य जनप्रतिनिधीगण मौजूद रहेंगे।
श्रीमती चिटनिस ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के फसल विविधीकरण के आव्हान पर अमल कर किसानों के जीवन में समृद्धि ‘‘आत्मनिर्भर भारत‘‘ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान भी प्रधानमंत्री के आव्हान को मध्यप्रदेश में बढ़ावा देने के लिए संकल्पित है।
श्रीमती चिटनिस ने कहा कि बुरहानपुर जिले में मसाला फसलों के अंतर्गत पूर्व में धनिया एवं प्याज की फसलें लगभग 400 हेक्टेयर में लगाई जाती है। गत 6-7 वर्षों में कृषकों का मसाला फसलों की ओर रूझान बढ़ा तथा इसका क्षेत्रफल 4252 हेक्टेयर हो गया है। बुरहानपुर जिले का किसान निरंतर गिरते जल स्तर को दृष्टिगत रखते हुए तथा मौसम की प्रतिकुलता, उत्पादन एवं भाव की अनियमितता के चलते विगत वर्षों से केला, गन्ना एवं कपास की वैकिल्पक फसल ढूंढने का प्रयास कर रहा है। मसाला फसलों के अंतर्गत हल्दी, अदरक, लहसुन, प्याज, अजवाईन, मिर्च एवं सौफ जैसी फसलों का रकबा बढ़ रहा है। किन्तु इन फसलों में उन्नत किस्म का बीज, प्रसंस्करण की जानकारी तथा बाजार व्यवस्था को सुदृढ़ करने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए फसल विविधीकरण एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए मसाला फसलों पर जिला बुरहानपुर में दिनांक 13 एवं 14 मार्च 2022 को राष्ट्रीय स्तर की दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित होने जा रही है। इसके एक दिन पूर्व 12 मार्च को वैज्ञानिक एवं सलाहकार को बुरहानपुर जिले में अनेक ग्रामों में जाकर मसाला फसलों का अवलोकन करेंगे।
कार्यशाला में मुख्य रूप से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नईदिल्ली, राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केन्द्र अजमेर, राष्ट्रीय बागवानी प्रतिष्ठान (प्याज, लहसुन) पुणे, भारतीय मसाला अनुसंधान (हल्दी, अदरक) कालीकट, भारतीय उद्यानिकी अनुसंधान संस्थान बैंगलुरू, केन्द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान भोपाल, भारतीय अभियांत्रिकी एवं प्रोद्योगिकी संस्थान लुधियाना, कृषि उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), मंडी बोर्ड भोपाल, निफ्टम-राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उधमशीलता एवं प्रबंधन संस्थान सोनीपत तथा नियाम-चौधरी चरणसिंह राष्ट्रीय कृषि बाजार संस्थान, जयपुर इत्यादि संस्थाओं के वैज्ञानिक एवं सलाहकार उपस्थित रहेंगे।
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि कार्यशाला में उत्पादन विपणन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए क्रेता-विक्रेता (बॉयर सेलर मीट) कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग एवं एक्सपोर्ट के लिए कृषकों को प्लेटफार्म उपलब्ध कराया जाएगा। श्रीमती चिटनिस ने किसानों से आग्रह किया कि कार्यशाला में उपस्थित होकर मसाला फसलों की उत्पादन तकनीक प्रसंस्करण की जानकारी प्राप्त कर उचित लाभ उठाए। उल्लेखनीय है कि बुरहानपुर की जागरूक प्रतिनिधि एवं प्रदेश भाजपा प्रवक्ता श्रीमती अर्चना चिटनीस दीदी विगत 7 माह से राष्ट्रीय आयोजन के इस आयोजन के लिए प्रयासरत हैं और उनके प्रयासों के फल स्वरूप यहां राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित हो रही है जिससे जिले के किसान निश्चित रूप से लाभान्वित होंगे।

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