विश्व कैंसर दिवस पर कैंसर हॉस्पिटल में हुआ कार्यक्रम का आयोजन | New India Times

संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

विश्व कैंसर दिवस पर कैंसर हॉस्पिटल में हुआ कार्यक्रम का आयोजन | New India Times

आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्व विद्यालय की सहयोगी संस्था राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के मेडिकल विंग द्वारा विश्व कैंसर दिवस पर कैंसर हॉस्पिटल ग्वालियर के सहयोग से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसका उद्देश्य था सभी को कैंसर के बारे में शिक्षित करना एवं जागरूकता बढाकर प्रतिवर्ष होने वाली लाखों लोगों को मृत्यु से बचाना.
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के डायरेक्टर डॉ. बी. आर. श्रीवास्तव, ब्रह्माकुमारीज लशकर केंद्र इंचार्ज बी.के.आदर्श दीदी, तानसेन नगर सेवाकेंद्र से बी.के. डॉ अंजलि, बी.के.डॉ गुरचरण, बी.के. प्रहलाद सहित अनेक भाई एव बहने उपस्थित रहे.
बी.के. डॉ. गुरचरण भाई ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी का स्वागत अभिनन्दन किया और सभी को बताया कि यदि हमारे जीवन में कोई दुःख बीमारी या तकलीफ आती है तो हमें कभी भी नकारात्मक नहीं सोचना चाहिए बल्कि सकारात्मक ही सोचना चाहिए क्योकिं कोई भी परिस्थिति या बीमारी तब ज्यादा प्रभाव डालती है जब हम निराश-हताश हो जाते हैं, घबरा जाते हैं और ये सोचने लग जाते हैं की अब क्या होगा तो इन संकल्पों को समाप्त कर उस ईश्वर पर भरोसा रखें की मेरे साथ जो होगा वो बहुत अच्छा होगा. तो आज से हम ये संकल्प लें कि हम हर परिस्थिति में खुश रहेंगे, अपने लिए और अन्य सभी के लिए सदैव अच्छा ही सोचेंगे.
तत्पश्चात बी.के. आदर्श दीदीजी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी को संबोधित करते हुए बताया कि आज हम देखते हैं की हर एक मनुष्य बीमारियों में घिरा हुआ है क्योंकि दिन प्रतिदिन चिंताएं, दुःख बढ़ते जा रहे हैं और उसी के साथ खान पान भी अशुद्ध होता चला गया है. कई लोग तरह तरह के व्यसनों के भी शिकार हैं. एक समय था जब इतनी सारी बीमारियाँ नहीं थीं, मनुष्य इस प्रकार बीमार नहीं पड़ता था. अब यदि वह स्वस्थ्य रहना चाहते हैं तो व्यसनों को बुराईयों को छोड़ें, अपना खानपान शुद्ध रखें, शारीरिक व्यायाम करें, थोडा समय ध्यान करें अर्थात परमपिता परमात्मा के साथ अपने मन की तार जोड़ें तो हमारा मनोबल शक्तिशाली बनेगा और हम स्वस्थ रह सकेंगे क्योकि ये बहुत बड़ी शक्ति है हमारे पास जिससे हम बड़े – बड़े असंभव कार्यों को भी संभव कर सकते हैं. परन्तु इसी के साथ समय पर अपना स्वास्थ्य का परिक्षण कराएँ यदि कोई बीमारी आती है तो समय रहते डॉ. की सलाह लें और उचित मेडिसिन लेकर अपने को स्वस्थ्य रखें.
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ बी. आर. श्रीवास्तव ने बताया कि कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो दिन प्रतिदिन बढती जा रही है इसलिए आज इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. सभी में इसके प्रति जागरूकता बढ़ सके और इस बीमारी से कम से कम लोग घ्रसित हों. इस बीमारी में प्रत्येक मनुष्य शारीरिक परेशानी का तो सामना करता ही है उसी के साथ साथ आर्थिक एवं मानसिक परेशानी का सामना भी करता है परन्तु इलाज के साथ इसका एक बहुत ही ज़रूरी पहलू भी है और वो यह है कि जो भी व्यक्ति इस बीमारी से ग्रिसित होता है वह एक दम निराश ना हो और ज्यादा से ज्यादा सकारात्मक चिंतन करें क्योंकि लोग तो आपसे नकारात्मक बातें करेंगे परन्तु ज़रूरत है अपने मनोबल को शक्तिशाली रखने की, निराशा को आशा में परिवर्तन करने की, अँंधेरे में भी ज्योति की किरन जलायें तो आप अवश्य ही ठीक हो जायेंगे.
कार्यक्रम में आगे बी.के. डॉ.अंजलि ने सभी को बताया की आज हमारे जीवन में दुआएं बहुत बड़ा और एक अहम हिस्सा है. अगर हम सभी किसी को कुछ नहीं दे सकते लेकिन हमारे संपर्क में आने वाले हर एक मनुष्य को दुआएं तो दे ही सकते हैं, सबके प्रति एक अच्छी सोच तो रख ही सकते हैं की सभी लोग सुखी रहे, स्वस्थ रहे इसमें तो खर्चे आदि की भी कोई बात नहीं क्योंकि हम सभी ने कई बार सुना है जब दवाईयां भी काम नहीं करती तो दुआएं करती हैं परन्तु अगर हमें सभी की दुआएं चाहिए तो उसके लिए हमें सबसे पहले दुआएं देना शुरू करना पड़ेगा क्योंकि जो देंगे वो ही हमें वापिस मिलता है.
कार्यक्रम के अंत में सभी को एक वरदान कार्ड दिया गया जिसमें स्वस्थ्य रहनें के लिए सकारत्मक विचार लिखे हुए थे साथ ही सभी को राजयोग ध्यान की अनुभूति भी कराई गई तत्पश्चात सभी को प्रसाद वितरित किया.
कार्यक्रम का कुशल संचालन एवं सभी का आभार बी. के. प्रहलाद भाई के द्वारा किया गया.

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