संदीप शुक्ला, भोपाल, NIT;
शिवराज सरकार ने सातवें वेतनमान देने का निर्देश पहले ही जारी कर दिया है, लेकिन इसके लिए अब तक पूरी तैयारी नहीं हो पाई है। सरकार अब भीअसमंजस की स्थिति में पड़ी हुई है। जानकारी के अनुसार अभी इसके लिए सरकारी कर्मचारियों कम से कम दस दिन और इंतजार करना पडेगा।
अधिकारी-कर्मचारी के वेतन की गणना 31 दिसंबर 2016 के वेतन के आधार पर होगी। इसके लिए सरकार कर्मचारियों से विकल्प सहमति पत्र भरवा सकती है।हो सकता है अधिकारी-कर्मचारी इस पर आपत्ति जता सकते है।सुत्रों की माने तो सरकार ने अधिकारी-कर्मचारी की नाराजगी झेलने से पहले ही इस सब कामों के लिए एक सॉफ्टवेयर भी तैयार करवा चुकी है, जो सभी कर्मचारी-अधिकारियों के नाम और वेतनमान की एंट्री तेजी से कर देगा।
कर्मचारी कोड, 31 दिसंबर 2016 का वेतन और पद दर्ज करने पर नया वेतन बन जाएगा। इसका प्रिंट निकालकर अधिकारी-कर्मचारी सहमति पत्र भरेगा और विभागाध्यक्ष को सौंपेगा। इसमें विकल्प का भी उल्लेख रहेगा कि वो नया वेतनमान ले रहा है या फिर पुराने वेतनमान में ही रहना चाहता है।
दूसरी और सातवें वेतनमान का लंबे समय से इंतजार कर रहे कर्मचारियों में सरकार के प्रति नाराजगी देखी जा रही है।कर्मचारियों का कहना है कि सरकार और ना जाने कितने दिन इंतजार करवाएगी।इसी महिने से इंक्रीमेंट लगना है। नए फॉर्मूले से वेतन निर्धारण होना है। सर्विस बुक में एंट्री होगी। इस काम में वक्त लगता है, इसलिए संभावना नहीं है कि जुलाई का वेतन सातवें वेतनमान के हिसाब से मिल पाए।
