जिलाबदर आदेश का उल्लंघन करने वाले आरोपी को न्यायालय ने एक वर्ष का सश्रम कारावास व ₹1000 अर्थदंड से किया दंडित | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्री रूपेश मुजाल्दे, सुश्री ज्योति मुजाल्दे एवं सुश्री प्रिया सोनी द्वारा अभियोजित एक महत्वपूर्ण प्रकरण में माननीय न्यायालय ने जिलाबदर आदेश का उल्लंघन करने वाले आरोपी को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹1000 के अर्थदंड से दंडित किया है।

प्रकरण में आरोपी रमजान खान पिता मियां खान, उम्र 40 वर्ष, निवासी देवीदास की खिड़की के पास, लोहारमंडी, बुरहानपुर को जिला बदर आदेश का पालन न करने का दोषी पाया गया।

सहायक जिला अभियोजन अधिकारी सुश्री ज्योति मुजाल्दे ने बताया कि दिनांक 20.12.2024 को आरक्षक केंद्र गणपतिनाका, बुरहानपुर में पदस्थ उपनिरीक्षक चेतराम निकुम को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि थाना गणपतिनाका क्षेत्र से जिलाबदर किया गया अभियुक्त रमजान खान लोहारमंडी गेट के पास खड़ा है।

मुखबिर की सूचना पर प्रधान आरक्षक जितेन्द्र राठौर, आरक्षक लक्की पटेल तथा पंच चूड़ामन एवं मोहम्मद शब्बीर को साथ लेकर पुलिस बल द्वारा बताए गए स्थान पर दबिश दी गई, जहां अभियुक्त रमजान खान को घेराबंदी कर पकड़ा गया।

पूछताछ में अभियुक्त ने अपना नाम रमजान खान पिता मियां खान, उम्र 40 वर्ष, निवासी देवीदास की खिड़की के पास, लोहारमंडी, बुरहानपुर बताया। अभियुक्त अपने बुरहानपुर क्षेत्र में उपस्थित होने का कोई संतोषजनक कारण अथवा वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

उल्लेखनीय है कि कलेक्टर, जिला बुरहानपुर द्वारा प्रकरण क्रमांक जि.ब. 743/24, दिनांक 16.08.2024 को धारा 14, मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत अभियुक्त को बुरहानपुर जिले एवं उससे लगे सीमावर्ती जिले खंडवा, खरगोन, हरदा एवं बड़वानी की सीमा से बाहर निष्कासित किए जाने का आदेश पारित किया गया था, जिसका अभियुक्त द्वारा उल्लंघन किया गया।

अभियुक्त का कृत्य धारा 14, मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत अपराध पाए जाने पर उसे गिरफ्तार किया गया। विवेचना पूर्ण होने के पश्चात अभियोगपत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

शासन की ओर से प्रकरण में सफलतापूर्वक पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्री रूपेश मुजाल्दे, सुश्री ज्योति मुजाल्दे एवं सुश्री प्रिया सोनी द्वारा की गई, जिसके आधार पर माननीय न्यायालय ने आरोपी को उपरोक्त दंड से दंडित किया।

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