कर्मचारियों ने केंडल मार्च निकालकर जताया विरोध, पुरानी पेंशन योजना फिर से लागू करने की मांग | New India Times

यूसुफ खान, ब्यूरो चीफ, धौलपुर (राजस्थान), NIT:

कर्मचारियों ने केंडल मार्च निकालकर जताया विरोध, पुरानी पेंशन योजना फिर से लागू करने की मांग | New India Times

न्यू पेंशन स्कीम एम्पलाइज फैडरेशन ऑफ़ राजस्थान के सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों ने शनिवार सांयकाल में गांधी पार्क रानी पैलेस के पास बड़ी संख्या में एकत्रित होकर नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) की विफलता एवं पुरानी पेंशन की बहाली को लेकर शिक्षक संगठनों ने संयुक्त रूप से जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते हुए हल्ला बोल आन्दोलन शुरू किया जा चुका है इसी को लेकर केंडल मार्च निकाला गया। नए अधिकारियों व कर्मचारियों का कहना है कि यह आंदोलन पुरानी पेंशन बहाली तक जारी रहेगा। जिला अध्यक्ष रेसला विजय सिंह मीना ने बताया कि नेशनल पेंशन सिस्टम में सेवानिवृत्ति के पश्चात मिलने वाली मासिक धनराशि को पीएफआरडीए एक्ट में कहीं भी पेंशन नहीं कहा गया है। इससे स्पष्ट है कि एनपीएस नो पेंशन सिस्टम ही है। यदि एनपीएस बुढ़ापे में वास्तव में सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती तो सशस्त्र सेनाओं के साथ उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों सहित राजनेताओं पर भी नवीन पेंशन योजना (एनपीएस) लागू होती। एनपीएस में फंड निवेश प्रबंधन शुल्क लिया जाने लगा है, जो सरासर अन्याय है। पुरानी पेंशन योजना में सामान्य प्रावधायी निधि, पेंशन कम्प्यूटेशन, पेंशन पर छमाही महंगाई भत्ता, नवीन वेतन आयोग द्वारा पेंशन बढ़ोतरी, असीमित मेडिकल सुविधा, उम्र के साथ दोगुनी तक अतिरिक्त पेंशन, अंतिम मूल वेतन के 50 प्रतिशत पेंशन की गारंटी उपलब्ध है, जबकि एनपीएस में उपरोक्त से वंचित किया गया है। रेस्टा के अध्यक्ष औतार सिंह लहरी ने बताया कि एनपीएस योजना के दुष्परिणाम के रूप में 600 से 1200 रुपया मासिक पेंशन मिलने के उदाहरण सामने आ रहे हैं, जिसको राजस्थान का कर्मचारी हरगिज़ बर्दाश्त नहीं करेगा। जिला संरक्षक चेतराम सिंह जादौन ने आगामी आन्दोलन की योजना के बारे में बताया कि सभी जिला एवं खंड मुख्यालयों पर केंद्र सरकार की थोपी गई नवीन पेंशन योजना की अधिसूचना की प्रतिलिपियों का दहन किया जाएगा और आंदोलन को उग्र किया जाएगा। जिला मंत्री रेसला रनवीर कंसाना ने बताया कि आज 1 जनवरी 2022 को राजस्थान के कर्मचारियों पर नवीन अंशदायी पेंशन नामक म्युच्युल फंड योजना लागू होने की बरसी पर केंडल मार्च निकालकर विरोध प्रकट किया है। आगे 14 जनवरी को राजस्थान सरकार की उस अधिसूचना की प्रतिलिपियों का दहन किया जाएगा, जिसके द्वारा राजस्थान में सरकारी सेवा में नियुक्त कर्मचारियों पर राजस्थान सिविल सेवा पेंशन नियम,1996 को बंद कर दिया था। जिला प्रवक्ता मुकेश गिरी ने कहा कि जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं होगी, तबतक आंदोलन जारी रहेगा। इसके लिए कर्मचारी व अधिकारी किसी भी हद तक संघर्ष करने के लिए एकजुट हैं। इस अवसर पर मीडिया प्रभारी रेसला भगवान सिंह मीणा, सभाध्यक्ष अशोक कोठारी, ब्लॉक अध्यक्ष मनियां राकेश कुमार, व्याख्याता शेखर कंचन, प्रबोधक संघ के अध्यक्ष प्रभात शर्मा, सुमित पराशर, जय प्रकाश गुर्जर, संपतराम मीणा, सतीश कुमार मीणा, कोषाध्यक्ष रेसला महेश मित्तल, अतेंद्र वशिष्ठ सहित अन्य संगठन के भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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