हुकूमत के नए कानून के डर से अल्पसंख्यक समुदाय में 2 दिन में संपन्न हुईं 100 से अधिक शादियां | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

हुकूमत के नए कानून के डर से अल्पसंख्यक समुदाय में 2 दिन में संपन्न हुईं 100 से अधिक शादियां | New India Times

बालिकाओं की शादी की आयु 18 वर्ष से 21 वर्ष किए जाने के केंद्र सरकार के प्रस्तावित बिल से भयभीत अल्पसंख्यक समाज के लोगों द्वारा बुरहानपुर में 100 से अधिक बालिकाओं की शादी 2 दिन में होने की चर्चा है। जानकारी के अनुसार केंद्रीय महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती जुबीन स्मृति ईरानी ने लोक सभा में बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 में संशोधन संबंधी एक विधेयक प्रस्तुत की थी, लेकिन लोकसभा में विरोध के कारण यह बिल स्टैंडिंग कमेटी को भेजा गया है, जहां इस पर पुनः विचार होना प्रस्तावित है, तत्पश्चात यह पुनः लोकसभा एवं राज्यसभा में बहुमत से पारित होने के बाद ही राष्ट्रपति की अनुमति के लिए जाएगा। विधि विशेषज्ञों के अनुसार नए कानून की इन सब प्रक्रियाओं की को पूर्ण करने के लिए लगभग 2 साल का समय अपेक्षित बताया गया है लेकिन यह भी एक विडंबना है कि केन्द्र सरकार के इस कानून के डर से या शिक्षा की कमी के कारण 2 दिन में लगभग 100 शादियां संपन्न हुए हैं। जानकारी के अनुसार जिन परिवारों की शादियां सन 2022 में होना हैं, ऐसे परिवारों ने जल्दबाजी में इन 2 दिनों में अपनी शादियों को निपटाना मुनासिब समझा। इस मामले में धर्म गुरुओं की तरफ से भी कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया और धड़ल्ले से शादियां हुई। माना जा रहा है कि शिक्षा की कमी के कारण जल्दबाजी में शादियां हुई है।

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