बुंदेलखंड के समस्त शिव मंदिरों में श्रद्धलुओं ने सावन के पहले सोमवार को की पूजा-अर्चना | New India Times

अरशद आबदी, झांसी ( यूपी ), NIT; ​बुंदेलखंड के समस्त शिव मंदिरों में श्रद्धलुओं ने सावन के पहले सोमवार को की पूजा-अर्चना | New India Timesझांसी नगर में आज सावन का पहला सोमवार बड़े हर्षो उल्लास के साथ मनाया गया। बुंदेलखंड के समस्त शिव मंदिरों में श्रद्धलुओं ने पूजा अर्चना की। सुबह सूर्य अस्त होने के पहले मंदिरों के बाहर श्रद्धलुओं का तांता लगा हुआ था। सभी नगर के मंदिरों में शिव भक्तों ने भगवान शंकर का जल अभिषेक किया और हर हर महादेव के नारों से पानी वाली धर्मशाला गूंज उठी। पानी वाली धर्मशाला स्थित शिव मंदिर में भक्तों ने बेल पत्र भी भगवान शंकर को अर्पित किए। माना जाता है कि बिना बेलपत्र के भगवान शंकर की उपासना आधुरी रहती है। यह झांसी नगर का सबसे पुराना एवं प्राचीन मंदिर है, जहां झांसी की रानी प्रति वर्ष अपने झांसी के किले से पूजा करने इसी शिव मंदिर में आती थी। कहा जाता है कि इस मंदिर में सिर्फ एक शिव लिंग है लेकन भक्तों की आस्था बताई जाती है कि एक ही शिवलिंग में 1000 शिवलिंग के दर्शन होते हैं, इस वजह से ये अदभुद और रहस्यमय शिवलिंग माना जाता है। एक शिवलिंग होने के बाद भी हज़ारों शवलिंग दिखाई देते हैं इस वजह से आज भी इस मंदिर को हजारिया महादेव के नाम से झांसी बुंदेलखंड में जाना जाता है।

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