फराज अंसारी, बहराइच ( यूपी ), NIT;
यूँ तो सभी धर्मों में परलोक सिधारने वाले लोगों का अंतिम संस्कार सामाजिक नियमों और सम्मान के साथ किया जाता है लेकिन बहराइच जिला चिकित्सालय के मर्चरी में तो मुर्दों का घोर अपमान किया जा रहा है। विश्वास न हो तो ये चिकित्सालय के शव ग्रह से आज खिंची गई इन तस्वीरें को जरा गौर से देखिए, कहते हैं कि तस्वीरें झूठ नहीं बोलती। इन तस्वीरों को देखने से हक़ीक़त अपने आप सामने आजायेगी। शव (लाश) रखने के लिए बने चबूतरों पर फैला खून और जमी गंदगी ही हक़ीक़त बयां करने के लिए बहुत काफी है।
जरा सोचिए बीमारी या दुर्घटना होने के कारण मौतों में अस्पताल कर्मी जब शव मर्चरी में रखते होंगे यो वहां की बदहाल व्यव्यस्था देख कर शोक संतप्त परिजनों पर क्या बीतती होगी जिन्होंने पुरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करने को सोचा होगा?
शव घर के अंदर से उठती भयंकर दुर्गन्ध इतनी ज्यादा है कि पुलिस कर्मी पंचनामा करते समय नांकों पर रुमाल रख कर पंचनामा करने को मजबूर हैं। वर्षो पूर्व शासन ने शव घर में शवों को सुरक्षित रखने के लिए टू बाड़ी कोल्ड स्टोरेज मशीन भी उपलब्ध कराई थी जिससे शवों को सुरक्षित रखा जा सके।
लेकिन अस्पताल कर्मियों की घोर लापरवाही देखिये कि मशीने आज तक धूल फांक रही है। ऐसा आज से नही वर्षो से होता चला आ रहा है लेकिन किसी का मान हो या अपमान इन लापरवाह स्वास्थ कर्मियों पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। अस्पताल के ज़िम्मेदार अधिकारी भी सब कुछ जानते हुए भी मौन साधे हुए हैं। ऐसे लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की जरूरत है लेकिन सारा मामला संज्ञान में होते हुये भी क्यों अस्पताल प्रशासन लीपा पोती में जुटा रहता है? मर्चरी के अंदर की नही बाहर भी कूडों का ढेर पटा पड़ा है लेकिन ये कूड़े के ढेर जिम्मेदारों को दिखाई नहीं दे रहे हैं।
इस सम्बन्ध में मुख्य चिकित्सा अधिक्षक डॉक्टर ओ पी पाण्डेय से बात की गयी तो उन्होंने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं मौके पर हूं, साफ़ सफाई कराई जा रही है। अस्पताल के दोषी सफ़ाई कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जायेगी। हालांकि उन्होंने नगर पालिका प्रशाशन को भी कूड़े के ढेर लगे रहने का जिम्मेदार बताया है।
