विकासखंड स्तरीय दिव्यांग खेलकूद प्रतियोगिता बनके रह गई दिखावा, जनपद शिक्षा केन्द्र देवरी में दिव्यांग प्रतियोगिताएं अव्यस्थाओं की रही हैं शिकार | New India Times

त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

विकासखंड स्तरीय दिव्यांग खेलकूद प्रतियोगिता बनके रह गई दिखावा, जनपद शिक्षा केन्द्र देवरी में दिव्यांग प्रतियोगिताएं अव्यस्थाओं की रही हैं शिकार | New India Times

देवरी में गुरुवार को विकासखंड स्तरीय दिव्यांग खेलकूद प्रतियोगिता का जनपद शिक्षा केंद्र देवरी द्वारा आयोजन किया गया जिसमें ढेरो अनियमिता व अव्यवस्था देखने को मिली साथ ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को तक नजर अंदाज किया गया. दिव्यांग खेलकूद प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों में छिपी प्रतिभाओं को विभिन्न स्वरूपों में समावेश करना होता है, हमें जरूरत है उनको पहचानने की उन्हें निखारने के अवसर प्रदान करने की. विश्व दिव्यांग शिविर के अवसर पर विकासखंड मुख्यालय पर जनपद शिक्षा केंद्र देवरी जिला सागर द्वारा आयोजित विकासखंड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में विकासखंड क्षेत्र के विद्यालयों से दिव्यांग बच्चों ने भाग लिया. विकाशखण्ड के बहुत से दिव्यांग छात्रों को जानकारी के आभाव के कारण वह प्रतियोगिता में भाग नही ले सके जिससे उनमें निराशा उत्पन्न हुई और न ही किसी जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रम की जानकारी दी गई न ही आमंत्रित करना उचित समझा जबकि कार्यक्रम में प्रोटोकाल के अनुसार बुलाना आवश्यक था मगर नहीं बुलाया गया जिससे जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी व्यक्त की है. क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम जब भी विकाशखण्ड में होते हैं तो उन्हें जानकारी देना चाहिए जिससे और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक जानकारी पहुंचे और वह भाग ले सकें. जनपद शिक्षा केंद्र देवरी द्वारा विकासखंड स्तरीय दिव्यांग खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें छात्रों को भोजन के जो पैकिट वितरित किये गए वह गुणवत्ता हीन थे और न ही पानी की उचित व्यवस्था नजर आई न ही बैठने की अच्छी व्यवस्था की गई थी जबकि शासन द्वारा इस कार्यक्रम हेतु पर्याप्त राशि जारी की जाती है मगर प्रतियोगिता, कार्यक्रम दिखावा बनकर रह गया तथा सभी छात्रों को आने जाने का भत्ता व अच्छी इनाम का वितरण किया जाता है जो नहीं किया गया. घटिया किस्म के सामग्री लेकर वितरण किया गया साथ ही कार्यक्रम में बैठने के लिये छाया के टेंट तथा बैठने के लिये कुर्सियों की व्यवस्था नही देखी गई. इस प्रकार दिव्यांग छात्रों की आने वाली शासन की राशि का ऐसा देखने में लगा जैसे बंदर बांट हो गया हो तथा भोजन के पैकिटे भी जानकारी से पता चला कि किसी वीरआसी ऑफिस के ही कर्मचारी के घर से तैयार किये थे वो भी लेट आने के कारण बच्चे खाना पैकेट के लिये इंतजार करते नजर आये जबकि शासन इसके लिए राशि प्रदान करती है कि छात्रों को गुणवत्ता युक्त भोजन दिया जाये.

कार्यक्रम का शुभारंभ विनीत जैन तहसीलदार द्वारा सरस्वती पूजन एवं कन्या पूजन कर शुभारंभ किया गया. कार्यक्रम का संचालन हरिकृष्ण चौबे माध्यमिक शिक्षक झुंनकू ग्राम के द्वारा किया गया था. कार्यक्रम में बच्चों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों ने गीत संगीत रंगोली पेंटिंग मेहंदी गायन एवं नृत्य प्रतियोगिता के माध्यम से प्रदर्शन किया. प्रभारी बीआरसी सत्य सिंह ठाकुर द्वारा आभार व्यक्त किया गया। पूरा कार्यक्रम अव्यवस्था का शिकार रहा तथा प्रतियोगिता कार्यक्रम दिखावा बनके रह गई साथ ही शासन की राशि का दुरुपयोग किया गया. यदि शासन के वरिष्ठ अधिकारी इस दिव्यांग कार्यक्रम में खर्च बजट की जांच कराई जायेगी तो पूरा मामला स्पष्ट उजागर हो जायेगा.

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.