संजय गुप्ता, सागर ( मप्र ), NIT;
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशों के बाद भी अधिकारी-कर्मचारी किसानों की कि समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं हैं, जिसके चलते किसान परेशान हैं। तहसील कार्यालय एवं अनुविभागिय अधिकारी, राजस्व कार्यालय के बाहर बैठे दर्जनों किसान घंटों से पटवारी का इतजार कर रहे थे। पूछे जाने पर बताया कि पटवारी सागर से कभी कभार देवरी आते हैं और गांव में कभी नहीं आते। किसान रामसिंह ने NIT संवाददाता को बताया कि आज अनुविभागिय अधिकारी के कार्यालय में पटवारियों कि बैठक है इसलिये हम पटवारी का इंतजार कर रहे हैं।
देवरी तहसील के 70 प्रतिशत पटवारी जिला मुख्यालय से अपडाउन करते हैं ह एक सप्ताह में कुछ दिन ही तहसील कार्यालय में आते हैं, जिसके कारण किसान रोज तहसील कार्यालय के चक्कर लगाते है कि आज पटवारी साहब मिल जायेंगे। किसान पहले से ही कई समस्यओं से परेशान हैं और पटवारी से काम कराने के लिये वह रोज किराया लगा कर आते हैं। वहीं वरिष्ट अधिकारी भी इस ओर कोई ध्यान नहीं देते हैं और न ही किसानों की शिकायत के बाद पटवारियों पर कोई कार्यवाही करते हैं, जिसके कारण किसान एवं आम लोग परेशान हैं। लोकायुक्त कि कार्यवाही के बाद भी पटवारियों द्वारा किसानों से पैसे मंगाने की शिकायत लगातार आ रही है। पैसे लेने के बाद भी किसानों के काम नहीं किये जा रहे हैं।
- किस काम को लेकर करते रहे पटवारी का इतजार?
अनुविभागिय अधिकारी के कार्यालय के बाहर किसान बृजेश सिंह ने बताया कि वह बंदी बनवाने , भगवत पटैल जाति प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर कराने आये हैं। हरप्रसाद ने बताया कि 1 साल से पटवारी बैनामा रखे हैं। प्रताप सिंह ने बताया कि फसल चढवाने के लिये पटवारी का इंतजार कर रहे हैं। इसी प्रकार बटवारा , फौती , भूमि का नाप ,नामातन्तरण , मुआवजा आदि को लेकर किसान तहसील कार्यालय में पटवारियों के चक्कर लगा रहे हैं।
- इनका कहना है:-
‘‘जो भी पटवारी मुख्यालय पर नहीं मिलते उनके खिलाफ कार्यवाही होगी। कौन पटवारी कहां मिलेगा इसके लिये जल्द ही लिस्ट जारी होगी ’’: आलोक कुमार सिंह कलेक्टर सागर
- ‘‘पटवारी ही नही देवरी के अधिकांश अधिकारी भी मुख्यालय पर नहीं रहते, किसान पहले से ही प्रकृति की मार झेल रहे हैं, वही पटवारी एवं अन्य अधिकारी किसानों को परेशान कर रहे हैं। मामले को लेकर मैं वरिष्ट अधिकारियों से बात करूंगा’’: हर्ष यादव विधायक देवरी
