अबरार अली, ब्यूरो चीफ, सिद्धार्थनगर (यूपी), NIT:

संविधान निर्माता डाॅ बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर जी के अधूरे सपने को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पूरा करेंगे। इसके लिए संविधान विरोधी भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए दलित समाज के लोगों को आगे आकर समाजवादियों के साथ खड़ा हो जाएं नहीं तो योगी-मोदी सरकार आरक्षण को समाप्त कर देगी। यह बातें समाजवादी अंबेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिठाई लाल भारती ने कहीं। वह बुधवार को समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर संविधान बचाओ लोकतंत्र बचाओंश चौपाल को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आरक्षण खत्म करने लिए निजीकरण को खत्म करने पर तुली है। कांग्रेस भाजपा दलितों एवं पिछड़े वर्ग की सबसे बड़ी दुश्मन है। एक सांप नाथ दूसरी नागनाथ है। इन दलों से दलितों पिछडों को सावधान रहने की जरूरत है। चुनाव जब आता है तो भाजपा के लोग दलितों एवं पिछड़े वर्ग को हिंदू मुस्लिम के नाम पर गुमराह करके हमारा वोट लेकर हम लोगों को बर्बाद करने पर लगे रहते हैं। हाथरस की दलित बेटी को यही भाजपा वाले पेट्रोल छिड़ककर जला देते हैं। उसके मा बाप को उसके अंतिम संस्कार के लिए लाश नहीं दिए। भारती ने कहा कि संविधान बचाने के लिए देश एवं प्रदेश में केवल समाजवादी पार्टी ही लड़ाई लड़ रही है। दलितों को पंचायती राज्य व्यवस्था में आरक्षण का लाभ देकर मुलायम सिंह यादव की सरकार ने प्रधान, बीडीसी, जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख व जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने का काम किया था। देश व प्रदेश के लिए भाजपा सरकार स्वयं में ही एक समस्या है। इसके खात्मे के लिए प्रदेश में 2022 में अखिलेश यादव की अगुवाई में सपा की सरकार बनना जरुरी है। चौपाल का आयोजन पूर्व विधायक विजय पासवान ने किया। अध्यक्षता गंगा राम चौधरी व संचालन कलाम सिद्दीकी ने किया। सपा जिलाध्यक्ष लाल जी यादव, पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रदीप पत्थर कट्ट, कन्हैया प्रसाद कन्नौजिया, अनिल गौतम, बहरैची प्रेमी, अनीता द्विवेदी, बिभा शुक्ला, प्रदेश सचिव सयुस सुशीला गौतम आदि ने संबोधित किया। पूर्व विधायक अनिल सिंह, सपा के प्रदेश सचिव अजय चौधरी, राम कुमार चिंकू यादव, उग्रसेन सिंह, जमील सिद्दीकी, अजय यादव, त्रिभुवन यादव, अयोध्या साहू, सत्य नारायण यादव, जोखन चौधरी, विजय चौधरी, गोपाल प्रसाद, विजय यादव, सोनू यादव, ओम बाला सिंह, शालिनी त्रिपाठी, राम सेवक लोधी, जय प्रताप यादव, अनिरुद्ध यादव, घनश्याम जायसवाल, शैलेंद्र शर्मा, चंद्रजीत जायसवाल, दयाराम पासवान, शिव शंकर, रमजान अली, फूल चंद पासवान, राकेश यादव व पप्पू जायसवाल आदि मौजूद रहे।
