रफीक आलम, दमुआ/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

दमुआ से लगी हुई ग्राम पंचायत भाखरा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मध्यप्रदेश शासन के प्रमुख सचिव ग्रामीणों से मिल कर समस्याएं से रूबरू हुये। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 15 वर्ष पूर्व जल संसाधन विभाग से बनाया गया तालाब निर्माण के दो साल के अंदर ही बह गया। लगभग 25 लाख रूपये की राशि की लागत से बना हुआ तालाब विगत 15 सालों से शोभा की सुपारी बना हुआ है। ग्रामीणों ने कई बड़े अधिकारियों से गुहार लगाई लेकिन आज तक इस ओर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया। इस तालाब से गरीब आदिवासी खेतों की सिंचाई, मछली पालन, सिंघाड़े का व्यवसाय, फल और फूल की खेती भी कर सकते थे। साथ ही निस्तार का भी उपयोग किया जा सकता था। प्रदेश के सबसे जिम्मेदार प्रमुख सचिव, जिला पंचायत सीईओ हरेंद्र नारायण, स्वच्छता विभाग के जिला समन्वयक अधिकारी सुधीर कृषक, जनपद पंचायत के सीईओ सुरेंद्र साहू, सहायक यंत्री एवं उपयंत्री, सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक सहित गांव की महिला पुरुष भारी संख्या में इकट्ठे हुए। उन्हें अब विश्वास है कि इस माता माई तालाब का जीर्णोद्धार अति शीघ्र हो जावेगा।
