फराज़ अंसारी, ब्यूरो चीफ, बहराइच (यूपी), NIT:

सरकार की पारदर्शी ई-टेंडर व्यवस्था का उलंघन कर शासन द्वारा बनाय गये नियमों की खुलेआम अवहेलना कर रहे सिंचाई विभाग के अधिकारियों के विरुद्ध सिंचाई ठेकेदार समिति ने एक बैठक कर आन्दोलन चलाने का निर्णय लिया है।
सिंचाई कालोनी कल्पीपारा स्थित सिंचाई ठेकेदार समिति के कार्यालय पर डाॅ मो. आलम सरहदी की अध्यक्षता में पंजिकृत ठेकेदारों की बैठक हुई जिसका संचालन मो. अब्दुल्लाह ने किया. भारी संख्या में उपस्थित ठेकेदारों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाया कि विभाग के अधिकारी निरंकुश हो गये हैं और सरकार के बनाय नियमों की खुलेआम अवहेलना कर सरकार की पारदर्शी ई- टेंडर का उलंघन कर स्वंय ठेकेदारी आदि का कार्य कर रहे हैं. इतना ही नहीं ये अपने चहेते ठेकेदारों को माध्यम बनाकर बिना टेंडर प्रक्रिया किये कार्यों और पैसों का बन्दर बांट कर रहे हैं।
बैठक में उपस्थित सिंचाई समिति के ठेकेदारों ने प्रस्ताव पास करते हुए यह भी आरोप लगाया कि पंजिकृत ठेकेदारों का बकाया भुगतान नहीं हो रहा है जिस कारण ठेकेदारों के समक्ष जीविका चलाने की समस्या खड़ी है. ऐसी दशा में हम सभी ठेकेदारों के सम्मुख आन्दोलन करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
समिति के वरिष्ठ सदस्य नानपारा के समीउद्दीन खां मुन्ना मारिया ने कहा कि सभी ठेकेदार एकजुट रहें इसी में हम सबकी सफलता निहित है। संयोजक मो. अब्दुल्ला ने ठेकेदारों में जोश भरते हुए कहा कि हमें अधिकारों के प्रति सजग रहना होगा और सिंचाई विभाग के निरंकुश अधिकारियों के प्रति लम्बे आन्दोलन के लिये एक जुट होकर तैयार रहना है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द से जल्द हमारी मांगों का निस्तारण नहीं किया गया तो हम धरना और प्रदर्शन को बाध्य होंगे।
संघ भवन कार्यालय पर बुधवार को डाॅ मो. आलम सरहदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में राकेश पांडेय, पी के सिंह, मजहर अबरार सन्नू, जय नाथ सिंह, शमशुद्दीन खां, गंगा राम, बाबू लाल, चिंताहरन पाल, राजेश जायसवाल, धनेश्वर शुक्ला, लीलाधर उपाध्याय, सन्तोष श्रीवास्तव, मुरारीधर द्विर्वेदी, कलीम खां, सालिम, विनय कुमार सिंह, जमाल अहमद, विनय शर्मा और राम कुमार शर्मा आदि उपस्थित थे।
