जुनैद काकर, धुले (महाराष्ट्र), NIT:

धुलिया उप प्रादेशिक परिवहन विभाग ने दो अवैध यात्री बसों को जब्त किया है, ये बसें महाराष्ट्र की बॉर्डर से यात्रियों को मुंबई और पूना ले जाया जा रहा था। एक बस में एक सौ बीस से डेढ़ सौ यात्री सवार थे. आरटीओ ने गैरकानूनी तरीके से यात्री यातायात के करने को लेकर दोनों लग्जरी बसों को जब्त कर लिया है. वही यात्रियों को धुलिया बस स्टैंड पर छोड़ दिया है. उनके पास ना खाने-पीने का सामान है और ही गंतव्य स्थान पर जाने की व्यवस्था की गई है जिसके चलते यात्रियों ने स्थानीय प्रशासन को कोस रहे हैं।
राजस्थान, मध्य प्रदेश और नेपाल से मुंबई जा रहे मजदूरों से भरी दो लग्जरी बसों को धुलिया आरटीओ के फ्लाइंग स्कॉट ने जब्त कर 220 मजदूरों को बे यार व मददगार परेशान होने के लिए बस स्टैंड पर छोड़ दिया है.
शुक्रवार की दोपहर को 4:00 बजे यह मजदूर महाराष्ट्र के हाडा खेड़ चेक पोस्ट से मुंबई और पुणे जाने के लिए दो लग्जरी बसों में सवार हुए एक एक बस में सौ से सवा सौ मजदूरों को सवार किया गया था जबकि एक बस में 35 से 40 यात्रियों की क्षमता है. बस चालक ने नियमों का उल्लंघन कर क्षमता से अधिक यात्रियों को बसों में बिठा रखा था जिसके चलते परिवहन विभाग ने दोनों बसों को जब्त कर लिया है.

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर महाराष्ट्र समेत मुंबई, पुणे महानगरों में कम होने जा रही है. राज्य सरकार ने कारोबार उद्योग और कारखानों को शुरू करने की अनुमति दी है जिसके चलते मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश से बड़े पैमाने पर मजबूर मजदूरी करने के लिए मुंबई और पुणे का रुख कर रहे हैं ऐसे में लग्जरी चालक मनमाना किराया वसूल कर बसों में क्षमता से अधिक संख्या में यात्रियों को ढो रहे हैं ऐसे में कोरोना नियमों का भी उल्लंघन किया जा रहा है. शुक्रवार की दोपहर को 3:00 बजे के करीब धुलिया परिवहन विभाग के फ्लाइंग स्क्वाड ने गैर कानूनी तरीके से मजदूर को ढोने वाली दो लग्जरी बसों को जप्त कर लिया है और आरटीओ ने मजदूरों को मुंबई और पुणे जाने की व्यवस्था कराए बिना बस स्टैंड पर छोड़कर नौ दो ग्यारह हो गए जबकि कोविड-19 नियमों के अनुसार स्थानीय प्रशासन और आरटीओ विभाग ने इन मजदूर यात्रियों के खाने पीने और गंतव्य स्थान पर जाने की व्यवस्था करानी थी लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया. अनेक मजदूरों के पास खाने पीने के लिए पैसे और आगे का किराया भी नहीं है.
मजदूरों ने परिवहन विभाग व स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनके खाने-पीने व उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाने की व्यवस्था कराई जाए और दोषी फ्लाइंग स्क्वाड इन्स्पेक्टर पर कड़ी कार्यवाही की जाए,
