यूसुफ खान, ब्यूरो चीफ, धौलपुर (राजस्थान), NIT:

जब भी आपके घर में कोई खुशी का मौका होता है तो औरतों जैसे दिखने वाले कुछ लोग तालियां बजाते हुए आते हैं और आप उन्हें देख्ते ही पहचाने लेते हैं कि ये किन्नर हैं। हम इन्हें किन्नर, हिजड़ा और न जाने कितने नामों से जानते हैं। आपने देखा होगा कि ये आपके शुभ कामों में आपसे पैसे मांगते हैं और इनका ज्यादा विरोध नहीं करते और निकाल कर देते हैं।
हकीकत में हमारा समाज विशेषकर सनातन धर्म हिन्दू धर्म में किन्नरों को बहुत ही अत्यधिक सम्मान दिया जाता है। इतना ही नहीं यह भी कहा जाता है कि किन्नर जिसको भी अपना आशिर्वाद दें, उसका भाग्य एकदम से चमक उठता है और जिसको भी बद्दुआ दे उसके दुखों का फिर कोई अंत नहीं होता। बद्दुआ क्यों नहीं लेना चहिये ये बात शायद ही किसी को पता होगी। तो आईये आज हम आपको बताते हैं किन्नरों से जुड़ी कुछ बातें. ऐसा कहा जाता है कि बुधवार के दिन किसी भी किन्नर को कुछ रुपए दें और बदले में उसके पास से एक सिक्का ले और उसे अपने पर्स में रख ले और ध्यान रखें की ये सिक्का आपके ही दिए पैसों के अंदर से नहीं हो। जब तक उनका दिया हुआ वो सिक्का आपके पर्स में रहेगा तब तक आपके पास धन की कभी भी कोई कमी नहीं होगी और पैसा दिन-दुगुना रात चौगुना होने लगेगा।ऐसी भी मान्यता रही है कि कोई भी किन्नर किसी व्यक्ति को शाप दे दें तो उसका विनाश होना सुनिश्चित है इसीलिए घर के बूढ़े-बुजुर्ग सभी परिवार वालो को कहते है की किसी भी किन्नर को दुख नहीं पहुंचाये और हो सके तो उनका आशीर्वाद लेते रहे इस शुभ अवसर पर जन सूचना विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी अजय सिंह राना पुत्र निशुल राना के शुभ विवाह के अवसर पर आए उनके घर किन्नर आए और निशुल राना पत्नी माधुरी राना को ढेर सारी शादी की शुभकामनाएं एवं बधाइयां व आशिर्वाद दिया.
