मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्षय में शासकीय महाविद्यालय जुन्नारदेव में राष्ट्रीय सेवा योजना की छात्रा इकाई द्वारा महिला सशक्तिकरण पर व्याख्यान का आयोजन किया गया जिसमें छात्राओं ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयक डॉ अशोक मराठी के निर्देशन में एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला संगठक डाॅ वाय के शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ मां सरस्वती की वंदना से किया गया और एनएसएस की छात्राओं ने समस्त महिला प्राध्यापिका का स्वागत पुष्प गुच्छ से किया महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ प्रकाश अजवानी ने महिलाओं को सुरक्षा की दृष्टि से, आत्मनिर्भरता की दृष्टि से सशक्त होने की बात कही डॉ एके टांडेकर ने बताया की प्राचीन काल में भी महिलाएं सशक्त थी और आज भी सशक्त है महिलाओं के सशक्तिकरण उनकी वर्तमान परिदृश्य करोना काल में परिवार का महिलाओं के प्रति स्नेह भाव महिलाओं की वैश्विक स्थिति उनके संघर्ष और जीवन में उपलब्धियों को विस्तार से बताया डॉक्टर संगीता वॉशिंगटन ने कहा कि बुढ़ापे के समय में अपने मां-बाप की सेवा करना हर बच्चे का नैतिक दायित्व है बुढ़ापे में मां-बाप को वृद्ध आश्रम जैसे स्थानों पर छोड़ने वाले बच्चे पूर्णता दोषी है वर्तमान में महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही है और सशक्त है सशक्त महिला से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है कार्यक्रम अधिकारी डॉ रश्मि नागवंशी ने कहां की महिलाएं पुरुष के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश समाज और परिवार के कार्यों में बराबरी का हाथ बढ़ाएं इसके लिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनना होगा महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ही परिवार और समाज की दशा और दिशा बदल सकती है साथ ही देश और समाज के विकास के लिए निर्धारित लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है ।
छात्राओं ने भी रखें अपने विचार

महाविद्यालय की छात्रा जैनब बी ने कहा की महिला एक परिवार को नहीं अपितु दो परिवारों को शिक्षित करती है.
एनएसएस की छात्रा सरोज कुमार ने कहा कि नारी का करो सम्मान तभी देश महान बनेगा और नारी के साथ-साथ पूरे समाज का और देश का विकास हो सकेगा। छात्रा दीपमाला ने कहा कि क्यों कहती है दुनिया की नारी कमजोर है आज भी इनके हाथों में घर चलाने के साथ-साथ देश चलाने की भी योग्यता है उक्त कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना की छात्रा सोनम यदुवंशी, दीपमाला धुर्वे, जेनब बी, सरोज कुमरे एवं प्रीति दांडेकर को गोल्ड मेडल पहनाकर उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार कार्यक्रम अधिकारी डॉ रश्मि नागवंशी के द्वारा किया गया.
