अम्बेडकरनगर के एक प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को बीमारियों की सौगात दे रहे हैं ग्राम प्रधान और लेखपाल | New India Times

गणेश मौर्य, ब्यूरो चीफ, अंबेडकर नगर (यूपी), NIT:

अम्बेडकरनगर के एक प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को बीमारियों की सौगात दे रहे हैं ग्राम प्रधान और लेखपाल | New India Times

लेखपाल और प्रधान की तानाशाही के आगे विवश प्रधानाध्यापिका बोलने में माहिर है लेखपाल अमजद अली बंजर भूमि ऊपर अपने चहेतों को कब्जा करवा कर इस स्कूल के परिसर के बगल में सार्वजनिक शौचालय बनवा रहे हैं।

अम्बेडकरनगर के एक प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को बीमारियों की सौगात दे रहे हैं ग्राम प्रधान और लेखपाल | New India Times

एक तरफ यूपी सरकार ने सख्त निर्देश जारी करते हुए ग्राम पंचायतों द्वारा बनाए जा रहे सार्वजनिक शौचालय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के परिसरों में या उससे निकट ना बनाये जाएं।दूसरी तरफ सरकार के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए इनके अफसर अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। बीते दिनों प्रदेश सरकार के बेसिक शिक्षा मंत्री डॉo सतीश द्विवेदी ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों, जिला पंचायतराज अधिकारियों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि ग्राम पंचायतों द्वारा बनाए जा रहे सार्वजनिक शौचालय, प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के परिसरों में या उससे सट के न बनाया जाए।श्री द्विवेदी ने यह भी कहा कि जिन ग्राम पंचायतों के प्रधानों द्वारा ऐसा किया जाएगा उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। आपको बताते चलें कि अकबरपुर ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरीपुर जगदीशपुर के ग्राम प्रधान राकेश राजभर, लेखपाल अमजद अली, सेक्रेटरी प्रियंका श्रीवास्तव, द्वारा जबरन स्कूल से सटकर सार्वजनिक शौचालय का निर्माण करवाया जा रहा है जिस पर विद्यालय प्रधानाध्यापिका साबरमती वर्मा द्वारा विरोध करने पर गुंडागर्दी पर उतारू हो गए प्रधानाध्यापिका के बार-बार मना करने के बावजूद भी सार्वजनिक शौचालय का निर्माण धड़ल्ले से किया जा रहा है अध्यापिका ने बताया कि सार्वजनिक शौचालय होने पर बच्चों के लिए बीमारियों की सौगात बगल में रसोईया है विद्यालय की बाउंड्री भी नहीं है इस बाबत हल्का लेखपाल अमजद अली से जब मीडिया की बातचीत हुई तो बताया कि बंजर भूमि नहीं है जब की उस गांव में 18 बंजर भूमि अभी अभिलेखों में मौजूद है। ग्राम प्रधान सेक्रेटरी हल्का लेखपाल की जिद्द के आगे बेबस प्रधानाध्यापिका ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र लिखकर सार्वजनिक शौचालय के निर्माण पर रोक लगाने की मांग की।

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