सविता उपाध्याय, आगरा, NIT;
रेल मंडल जिस से देशवासी भरोषा करते हैं लेकिन उसके द्वारा हो रही लापरवही अब उसके कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगा रहे हैं। रेलवे पार्सल से भेजा गया पार्सल अपने स्थान पर पहुंचने के बजाए बार बार गायब हो रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार ए टू जेड प्रहरी समाचार पत्र का पार्सल जब दुर्ग से आगरा के लिऐ ट्रेन नम्बर 12807 ट्रेन नाम समता सुपर फास्ट से भेजा गया, लेकिन रेल्वे पार्सल विभाग से जानकारी मिली कि सामान नहीं आया है और शिकायत दर्ज कर ली गयी पर 10 दिन बाद भी पार्सल का पता नहीं है। दुबारा पार्सल दुर्ग ,जम्मुतवी से भेजा गया। इस बार भी पार्सल फिर गायब हो गया जिसकी शिकायत दर्ज की गयी और जानकारी मांगने पर जबाब मिलता है कि जैसे ही हमको कोई सूचना मिलेगी तो आपको खबर कर देगें।
जब ए टू जेड प्रहरी की टीम ने आस पास की भीड़ से बात की तब जानकारी मिली के उनका भी पार्सल गंतव्य तक नही पहुचाँ है। सब अपने सामान के लिऐ रोज चक्कर लगाते हैं, कोई सही जवाब नहीं मिलता है। हमने पार्सल इंचार्ज से बात की, क्या आपको समान लोड होने की सूचना नहीं मिलती है या स्वयं ही सब ट्रेन के रुकने पर आप चैक कर समान निकालते हैं। पार्सल इंचार्ज ने बताया उनको सूचना नहीं की जाती है। जिसका समान होता है वह मैसेज लाकर हमको दिखाता है। उसी आधार पर हम समान निकालते हैं, किसी को इस मामले में कोई जनकारी नहीं मिलती है। यह है भारतीय रेल की सेवा जहां आम जनता के भरोषे और विश्वास के साथ हो रहा है धोखि। सवाल यह है समान आपने गंतव्य की और भेजा जाता है लेकिन समान निश्चित स्थान पर नहीं पहुंचता है, तो आखिर सामान बीच में जाता कहां है? किसी का भी पार्सल लोड करने के बाद सूचना क्यों नहीं भेजी जाती? मैसेज में पार्सल रैक नम्बर क्यों नहीं दिया जाता? इसे आप रेल मंडल की लापरवाही नहीं तो और क्या कहेंगे???
